Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: Nepal Flood के बाद India में बढ़ा Glacier Lake का खतरा! Sikkim की 7 झीलें हाई रिस्क, NDMA ने बढ़ाई निगरानी
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > Nepal Flood के बाद India में बढ़ा Glacier Lake का खतरा! Sikkim की 7 झीलें हाई रिस्क, NDMA ने बढ़ाई निगरानी
Trending Newsराज्य

Nepal Flood के बाद India में बढ़ा Glacier Lake का खतरा! Sikkim की 7 झीलें हाई रिस्क, NDMA ने बढ़ाई निगरानी

news desk
Last updated: September 2, 2026 3:23 pm
news desk
Share
SHARE

नेपाल में ग्लेशियल झील फटने से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने सिक्किम में 40 ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की है, जिनसे बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. इनमें 7 झीलों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है.

Contents
17 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद हैं कई संवेदनशील झीलेंरियल टाइम मॉनिटरिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम पर जोर2023 की त्रासदी से लिया गया सबकनेपाल की घटना के बाद क्यों बढ़ी चिंता?

नई दिल्ली/गंगटोक। नेपाल में ग्लेशियल झील फटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र में मौजूद ग्लेशियल झीलों के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। इस घटना के बाद भारत में भी संवेदनशील ग्लेशियल झीलों को लेकर निगरानी और आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सिक्किम में 40 उच्च-खतरे वाली ग्लेशियल झीलों की पहचान की है. इनमें से 7 झीलों को उच्च जोखिम वाली माना गया है। इनमें से प्राथमिकता वाली संवेदनशील झीलों का वैज्ञानिक आकलन भी किया जा रहा है, ताकि किसी संभावित ग्लेशियल झील आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF के खतरे को समय रहते समझा और कम किया जा सके।

17 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद हैं कई संवेदनशील झीलें

अधिकारियों के मुताबिक सिक्किम में 400 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें मौजूद हैं. इनमें से कुछ झीलें करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं. ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूद इन झीलों पर ग्लेशियर, हिमस्खलन, भूस्खलन और बदलते मौसम का असर पड़ सकता है।

जोखिम का आकलन करते समय झील की गहराई, उसमें मौजूद पानी की मात्रा, झील को रोकने वाली मोरेन की मजबूती और आसपास के हिमस्खलन या भूस्खलन के खतरे जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।

इसका मकसद यह पता लगाना है कि किसी प्राकृतिक घटना के बाद झील की संरचना कितनी सुरक्षित रह सकती है और अगर पानी अचानक बाहर निकलता है तो नीचे के इलाकों पर उसका कितना असर पड़ सकता है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम पर जोर

सिक्किम सरकार ने संवेदनशील झीलों से जुड़े खतरे को कम करने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की योजना बनाई है।

शाको चू, केरांग और डोलमा संपांग जैसी जगहों पर ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग स्टेशन काम कर रहे हैं. इन स्टेशनों के जरिए झीलों और आसपास के हालात पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है।

इसके अलावा मौसम की ऐसी परिस्थितियों पर नजर रखने के लिए डॉपलर वेदर रडार लगाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं, जो हिमस्खलन या भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ा सकती हैं।

2023 की त्रासदी से लिया गया सबक

सिक्किम पहले ही ग्लेशियल झील से पैदा हुई विनाशकारी बाढ़ का सामना कर चुका है।

अक्टूबर 2023 में साउथ लोनाक झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की घटना हुई थी. इसके बाद तीस्ता नदी बेसिन में अचानक भारी बाढ़ आई थी। इस आपदा में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ और सड़क, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची थी।

यही वजह है कि हिमालयी क्षेत्र में मौजूद ग्लेशियल झीलों की निगरानी अब सिर्फ पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन और लोगों की सुरक्षा से जुड़ा अहम विषय बन गई है।

नेपाल की घटना के बाद क्यों बढ़ी चिंता?

नेपाल में हालिया बाढ़ ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि हिमालयी क्षेत्र में तेजी से बदलते मौसम और ग्लेशियरों से जुड़ी घटनाओं के बीच भारत कितना तैयार है।

हालांकि किसी खास झील के टूटने की भविष्यवाणी करना संभव नहीं है, लेकिन संवेदनशील झीलों की पहचान, वैज्ञानिक अध्ययन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम संभावित नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अब सिक्किम में सबसे बड़ा फोकस यही है कि खतरे वाली ग्लेशियल झीलों की लगातार निगरानी हो, संभावित खतरे का पहले पता चले और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाई जा सके।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Glacial Lake Outburst Flood, GLOF, NDMA, Nepal Flood, Nepal Glacier Flood, Sikkim Glacial Lakes, Sikkim Glacier Lake Risk
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article ओवैसी की AIMIM को बड़ा झटका, असीम वकार कांग्रेस में शामिल; 2027 चुनाव से पहले क्या बदलेगा समीकरण?
Next Article images (20) अरबाज-निक्की के ब्रेकअप की खुली पोल! जो दिखा वो सच नहीं था, म्यूजिक वीडियो के लिए रचा था पूरा खेल?

फीचर

View More

5 सितंबर सिर्फ एक तारीख नहीं: जब देश के राष्ट्रपति ने अपने ही जन्मदिन को बना दिया शिक्षकों का सबसे बड़ा सम्मान!

“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय…” कबीर का यह दोहा सदियों से गुरु के महत्व को बयां करता आ…

By news desk 5 Min Read

जन्माष्टमी पर कान्हा की वो बांसुरी, जिसकी तान पर मिट गईं मजहब की दीवारें… रसखान से बिस्मिल्लाह खान तक हुए कृष्ण के दीवाने

मथुरा: जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की…

9 Min Read

दही-हांडी की मटकी में छिपा है कान्हा की बाल लीला का राज, जानिए कैसे शुरू हुआ ये रिवाज

आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका भक्तों को पूरे साल बेसब्री…

3 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsक्राइम

हादसे के बाद जांच कमेटी, मकान मालिक पर FIR; 25-30 लोगों के हताहत होने की आशंका

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला PG इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार की सख्ती, 20 संस्थानों पर कार्रवाई; बोर्ड खत्म कर बनाया नया प्राधिकरण

उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर पुष्कर सिंह धामी सरकार की सख्ती जारी है। राज्य में पुराने मदरसा बोर्ड…

5 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

UN का नया World Map: भारत पर क्या असर, अमेरिका क्यों हुआ खिलाफ? जानें पूरी कहानी

UN New World Map: दुनिया का नक्शा बदलने की चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—संयुक्त राष्ट्र ने…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

निशु आजाद के घर पर पथराव का आरोप: पिता पर हमले के बाद बढ़ा विवाद, परिवार ने मांगी सुरक्षा

निशु आजाद एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके किसी बयान या सोशल मीडिया विवाद का नहीं,…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?