गाजियाबाद के डी-मॉल स्थित एक क्लब की संचालिका ने हिंदू रक्षा दल से जुड़े कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर क्लब में आकर बिना बिल चुकाए खाना-पीना करते थे और विरोध करने पर कर्मचारियों से अभद्रता करते थे। शिकायत के बाद हर महीने ₹50 हजार की कथित रंगदारी मांगने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
गाजियाबाद में एक क्लब संचालिका की शिकायत के बाद हिंदू रक्षा दल से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला डी-मॉल स्थित एक क्लब का है, जहां संचालिका ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग लंबे समय से क्लब में आते थे, खाना-पीना करते थे और कथित तौर पर बिना भुगतान किए चले जाते थे।
महिला संचालिका के मुताबिक जब क्लब के कर्मचारी उनसे बिल का भुगतान करने के लिए कहते थे तो उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया जाता था। इससे क्लब में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच भी डर का माहौल बन गया था।

शिकायत के बाद बढ़ा कथित दबाव
संचालिका ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की तो इसके बाद कथित तौर पर उन पर दबाव और बढ़ गया।
महिला का दावा है कि आरोपियों की ओर से उनसे हर महीने ₹50 हजार की मांग की गई। यह रकम कथित तौर पर सुरक्षा के नाम पर देने के लिए कही गई थी। शिकायत के मुताबिक रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
क्लब संचालिका ने पुलिस को शिकायत देते हुए चार लोगों के नाम बताए हैं। इनमें अमित पहलवान, दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित और सौरभ पंडित शामिल हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये लोग क्लब में आकर हंगामा करते थे और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते थे। महिला संचालिका ने पुलिस से पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की।
दक्ष चौधरी समेत आरोपियों पर गंभीर आरोप
इस मामले में हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताए जा रहे दक्ष चौधरी समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। क्लब संचालिका ने खाने-पीने का कथित बिल न चुकाने से लेकर सुरक्षा के नाम पर हर महीने ₹50 हजार मांगने तक के आरोप लगाए हैं।
हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल मामला दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
सुरक्षा के नाम पर पैसे मांगने का आरोप
इस मामले का सबसे गंभीर आरोप हर महीने ₹50 हजार मांगने से जुड़ा है। संचालिका के अनुसार उनसे कहा गया कि यह रकम सुरक्षा के नाम पर दी जाए। रकम नहीं देने पर कथित तौर पर धमकी दी गई।
अब पुलिस के सामने क्लब संचालिका की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने और पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है।