नई दिल्ली: पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज में वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। हमारे सौर मंडल से 49 प्रकाश वर्ष दूर स्थित LHS 1140b नाम के एक चट्टानी ग्रह पर ऐसा वायुमंडल मिलने के संकेत मिले हैं, जो उसकी सतह पर तरल पानी को बनाए रखने में सक्षम हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि रहने योग्य क्षेत्र में मौजूद किसी पृथ्वी जैसे चट्टानी ग्रह पर पहली बार वायुमंडल की पुष्टि हुई है। इसे अंतरिक्ष विज्ञान और एलियंस की तलाश के क्षेत्र में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
क्यों खास मानी जा रही है यह खोज?
वैज्ञानिकों के अनुसार, इससे पहले गैसीय विशाल ग्रहों और सब-नेपच्यून श्रेणी के ग्रहों के आसपास वायुमंडल के संकेत मिल चुके थे, लेकिन किसी रहने योग्य क्षेत्र में स्थित पृथ्वी जैसे चट्टानी ग्रह पर पहली बार वायुमंडल का प्रत्यक्ष प्रमाण मिला है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज न केवल इस ग्रह की प्रकृति को समझने में मदद करेगी, बल्कि पृथ्वी के बाहर जीवन की संभावनाओं पर भी नए सवालों के जवाब तलाशने का रास्ता खोलेगी।
शोध दल के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. कॉलिन चेरुबिम के मुताबिक, यह पहली बार है जब किसी चट्टानी एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल में मौजूद तत्वों की सीधे पहचान की गई है। उनके अनुसार, यह उपलब्धि भविष्य में ऐसे ग्रहों पर जीवन के संकेत खोजने की दिशा में बेहद अहम साबित हो सकती है।
पृथ्वी से कितना अलग है LHS 1140b?
LHS 1140b का द्रव्यमान पृथ्वी से लगभग 5.6 गुना अधिक है, जबकि इसका आकार पृथ्वी की तुलना में करीब 70 प्रतिशत बड़ा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी संरचना और तापमान कई मामलों में पृथ्वी से मेल खाते हैं, हालांकि यह पूरी तरह पृथ्वी जैसा नहीं है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह ग्रह अपने तारे की ओर हमेशा एक ही हिस्सा रखता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में टाइडली लॉक्ड कहा जाता है। इसके अलावा इस ग्रह पर पानी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है और इसका वायुमंडल भी पृथ्वी से अलग स्वरूप का हो सकता है।
2017 में हुई थी ग्रह की खोज
इस ग्रह की खोज वर्ष 2017 में की गई थी। यह सेटस तारामंडल में स्थित एक छोटे लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है। यह तारा हमारे सूर्य से छोटा और कम चमकीला है, लेकिन अपेक्षाकृत अधिक आयनीकरण विकिरण उत्सर्जित करता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बावजूद यह तारा काफी शांत है और इसमें ऊर्जा विस्फोट यानी फ्लेयर्स बहुत कम होते हैं। यही वजह है कि LHS 1140b पर स्थिर वातावरण बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
जीवन की तलाश के लिए सबसे बड़ी प्रयोगशाला बन सकता है यह ग्रह
शोधकर्ताओं के अनुसार, अब तक मिले संकेत बताते हैं कि LHS 1140b पर जीवन के लिए जरूरी तीन अहम परिस्थितियां मौजूद हो सकती हैं। इनमें चट्टानी सतह, तरल पानी के लिए उपयुक्त तापमान और ऐसा वायुमंडल शामिल है, जो पानी को सुरक्षित रखने के साथ-साथ सतह को हानिकारक विकिरण से भी बचा सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह ग्रह पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज और रहने योग्य वातावरण से जुड़े शोध का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
उसी तारे के दूसरे ग्रह पर नहीं मिला वायुमंडल
शोध टीम ने बताया कि इसी तारे की परिक्रमा करने वाला एक अन्य चट्टानी ग्रह LHS 1140c भी मौजूद है, लेकिन उसके आसपास किसी वायुमंडल के संकेत नहीं मिले हैं। इससे वैज्ञानिकों को दोनों ग्रहों के बीच अंतर समझने और जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियों का अध्ययन करने में मदद मिलेगी।