पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ा खुलासा किया है। सीबीआई द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें दो बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
यूपी के शूटर्स को दी गई थी सुपारी
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे महीनों लंबी प्लानिंग थी। एजेंसी ने हाल ही में शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय में काम करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सागर सोनकर और उसके भाई साहिब सोनकर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन दोनों भाइयों ने ही चंद्रनाथ रथ को रास्ते से हटाने के लिए उत्तर प्रदेश के पेशेवर शूटर्स को सुपारी दी थी।
दिसंबर 2025 से रची जा रही थी हत्या की साजिश
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक:
- महीनों से प्लानिंग: चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश दिसंबर 2025 से ही बनाई जा रही थी।
- तारीखें बदलने की वजह: विभिन्न कारणों और परिस्थितियों के चलते सुपारी हत्या (Contract Killing) की तारीख बार-बार टलती रही।
- भूमिका: चंद्रनाथ रथ ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर शुभेंदु अधिकारी के चुनाव प्रचार अभियान में बेहद अहम भूमिका निभाई थी।
दूसरे राजनीतिक दल के नेता भी जांच के दायरे में
मामले में केवल स्थानीय साजिशकर्ता ही नहीं, बल्कि अंतर-पक्षीय तार जुड़े होने का भी अंदेशा जताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार:
- आरोपी सागर सोनकर वर्ष 2020 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुआ था।
- बीजेपी में आने से पहले वह राज्य की एक अन्य प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के विधायक के साथ काम करता था।
- सीबीआई अब राज्य के उस राजनीतिक दल के पदाधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है ताकि मर्डर के पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।