Trending News

CDSL की साइबर सुरक्षा में बड़ी चूक! SEBI ने लगाया 1 करोड़ का जुर्माना, 88 पन्नों की रिपोर्ट ने खोली पोल

भारतीय शेयर बाजार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने देश की प्रमुख डिपॉजिटरी कंपनी CDSL “Central Depository Services Ltd.” पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नवंबर 2022 में हुए साइबर अटैक और कंपनी की साइबर सिक्योरिटी में पाई गई गंभीर कमियों के बाद की गई है। SEBI के इस फैसले के बाद बाजार में भी इसका असर देखने को मिला और मंगलवार के कारोबार के दौरान CDSL के शेयर करीब 1% तक फिसल गए।

SEBI की 88 पन्नों की जांच रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर हमलावर नवंबर 2022 में मालवेयर अटैक सामने आने से लगभग एक साल पहले, यानी नवंबर 2021 में ही CDSL के नेटवर्क में सेंध लगा चुके थे। हैरानी की बात यह रही कि इतने लंबे समय तक सिस्टम में उनकी मौजूदगी का पता नहीं चल पाया, जिससे कंपनी की साइबर मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

जांच में यह भी सामने आया कि CDSL ने अपने इंटरनेट-फेसिंग ADFS सर्वर को “क्रिटिकल एसेट” की श्रेणी में शामिल नहीं किया था। इसी वजह से उस सर्वर का जरूरी Vulnerability Assessment and Penetration Testing (VAPT) नहीं कराया गया। साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ी चूक मानी गई, क्योंकि ऐसे सर्वर किसी भी साइबर हमले का सबसे आसान निशाना बन सकते हैं।

SEBI ने अपने आदेश में यह भी बताया कि अगस्त 2022 में कंपनी को सुरक्षा खामियों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। नियामक का मानना है कि अगर चेतावनी के बाद तुरंत कार्रवाई की जाती, तो साइबर हमले के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

नवंबर 2022 में हुए इस साइबर अटैक का असर कंपनी के ऑपरेशन्स पर भी साफ दिखाई दिया। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 135 सर्वर और 177 सिस्टम प्रभावित हुए थे। इसके चलते कुछ समय के लिए मार्केट के पे-इन, पे-आउट और सेटलमेंट जैसी अहम सेवाएं बाधित हुईं, जिससे बाजार के सामान्य संचालन पर भी असर पड़ा।

इस मामले में SEBI ने कुल 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें ₹90 लाख SEBI Act के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर, जबकि 10 लाख Depositories Act के नियमों का पालन नहीं करने पर लगाया गया है। साथ ही CDSL को 45 दिनों के भीतर यह राशि जमा करने का निर्देश भी दिया गया है।

हालांकि, इस पूरे मामले में तत्कालीन Chief Information Security Officer (CISO) और Chief Technology Officer (CTO) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। SEBI ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई करने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

SEBI के आदेश के बाद शेयर बाजार में भी इसका असर तुरंत देखने को मिला। मंगलवार को NSE पर CDSL का शेयर इंट्राडे कारोबार के दौरान गिरकर करीब 1,372 रुपए तक पहुंच गया। हालांकि बाद में शेयर में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन इस घटनाक्रम ने निवेशकों का ध्यान कंपनी की साइबर सिक्योरिटी व्यवस्था की ओर जरूर खींचा।

वहीं, CDSL ने अपने बयान में कहा कि जुर्माने की राशि के अलावा इस आदेश का कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति या दैनिक परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि वह अपने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम को लगातार और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।

यह मामला सिर्फ एक जुर्माने का नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल फाइनेंशियल इकोसिस्टम की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे दौर में, जब करोड़ों निवेशक ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं, साइबर सिक्योरिटी किसी भी वित्तीय संस्था के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है। SEBI की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि भविष्य में साइबर सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।

news desk

Recent Posts

भारत-अमेरिका FTA के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच टला, सरकार ने मानी दो प्रमुख मांगें

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में मंगलवार को…

11 minutes ago

लाठीचार्ज के बाद छात्रों के समर्थन में क्यों खुल कर उतरी कांग्रेस? मानसून सत्र में कैसे बदली कांग्रेस की रणनीति?

नई दिल्ली। राजनीतिक पंडित अक्सर कहते हैं कि भारतीय राजनीति में मौसम और मिजाज बदलने…

25 minutes ago

अब इस्तीफे की मांग के साथ PM आवास के बाहर सड़क पर बैठे राहुल-प्रियंका, छावनी में बदली दिल्ली!

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक पारा उस समय अपने चरम पर पहुँच गया, जब…

1 hour ago

ऑटोरिक्शा चालक का बेटा बना DSP: मैदान पर गिल्लियाँ उखाड़ने वाले ‘मियां भाई’ ने संभाली कानून की कमान

कभी हैदराबाद की तंग गलियों में एक-एक मैच के किराए के लिए संघर्ष करने वाले…

2 hours ago

क्या सेना में अनिवार्य भर्ती पर छिड़ी ‘गृहयुद्ध’ जैसी जंग से ढह जाएगी इजरायल की सरकार?

गाजा और लेबनान मोर्चे पर जारी युद्ध के बीच इजरायल अब अपने ही घर में…

2 hours ago