नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ भविष्य में होने वाली बातचीत को लेकर नई शर्त सामने रख दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को उन लोगों के लिए मुआवजा देना चाहिए जो ईरानी हमलों में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने साफ किया कि यह मुद्दा आगे होने वाली किसी भी बातचीत में मजबूती से उठाया जाएगा।
ईरान के नुकसान के हर्जाने की मांग के बाद ट्रंप का पलटवार
ट्रंप की यह मांग उस दावे के बाद सामने आई है जिसमें कहा गया कि ईरान के प्रतिनिधियों ने पांच महीने चले सैन्य संघर्ष में ईरान को हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ईरान की मांग को एक “दिलचस्प विचार” बताया और कहा कि अब अमेरिका भी तेहरान से मुआवजे की मांग करेगा।
मारे गए और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए मुआवजा मांगेंगे
ट्रंप ने कहा कि ईरान को सड़क किनारे हुए बम हमलों और अन्य संघर्षों में मारे गए तथा गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरानी हमलों में जान गंवाने या गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के लिए हर्जाना मांगा जाएगा।
ट्रंप ने अपने बयान में उन घटनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें ईरानी सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी का नाम सामने आया था।
पांच महीने में 52 हजार लोगों के मारे जाने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले 50 वर्षों के दौरान ईरान से जुड़े संघर्षों में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए भी मुआवजे की मांग की। उन्होंने खास तौर पर यूएसएस कोल पर हुए हमले में मारे गए लोगों के परिवारों का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने संघर्षों में जान गंवाने वाले हजारों अन्य लोगों के लिए भी हर्जाने की बात कही।
ट्रंप ने दावा किया कि पिछले पांच महीनों के दौरान 52 हजार लोग मारे गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा उनके बयान में किए गए दावे के तौर पर सामने आया है।
भविष्य की हर बातचीत में उठेगा मुआवजे का मुद्दा
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि ईरान के साथ भविष्य में होने वाली बातचीत में मुआवजे का मुद्दा मजबूती से उठाया जाए। यानी अमेरिका और ईरान के बीच अगली बातचीत में यह मांग एक अहम मुद्दा बन सकती है।