Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: चार महीने बाद होगा अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए अब तक कहां रखा गया था शव और क्यों हुई इतनी देरी
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > वर्ल्ड > चार महीने बाद होगा अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए अब तक कहां रखा गया था शव और क्यों हुई इतनी देरी
वर्ल्ड

चार महीने बाद होगा अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए अब तक कहां रखा गया था शव और क्यों हुई इतनी देरी

vineet verma
Last updated: July 4, 2026 1:17 am
vineet verma
Share
SHARE

मशहद: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार उनकी मौत के करीब चार महीने बाद 9 जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद में किया जाएगा। युद्ध के शुरुआती दौर में 28 फरवरी को हुए हमले में उनकी मौत हो गई थी। इस हमले में उनकी बेटी, दामाद और पोती समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए थे। अब अंतिम संस्कार से पहले छह दिनों तक विशेष धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

Contents
चार महीने तक अंतिम संस्कार क्यों नहीं हुआ?चार महीने तक शव कहां रखा गया था?इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बनने की तैयारीश्रद्धांजलि कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़अगले सप्ताह कई शहरों में होंगे जुलूसदो करोड़ लोगों की मौजूदगी का दावापिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मुज्तबाक्यों इतने प्रभावशाली थे अयातुल्ला अली खामेनेई?

चार महीने तक अंतिम संस्कार क्यों नहीं हुआ?

इस्लामी परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति को मौत के तुरंत बाद दफनाया जाता है, लेकिन अयातुल्ला अली खामेनेई के मामले में चार महीने से अधिक की देरी हुई। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण युद्ध और देश के असाधारण सुरक्षा हालात थे। लगातार बमबारी और अस्थिर परिस्थितियों के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं की जा सकी।

चार महीने तक शव कहां रखा गया था?

धार्मिक नेता मोहम्मद के अनुसार, शिया धार्मिक कानून विशेष परिस्थितियों में शव को ठंडे स्थान पर सुरक्षित रखकर बाद में दफनाने की अनुमति देता है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च धार्मिक पद पर रहे व्यक्ति के लिए ऐसी अनुमति मिलना संभव होता है। उनका कहना है कि ईरान के फोरेंसिक मुर्दाघरों में शवों को कई महीनों तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था मौजूद रहती है, इसलिए चार महीने तक शव को रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज में रखना असामान्य नहीं माना जाता।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शव को धार्मिक नियमों के अनुरूप सुरक्षित रखा गया। इस्लाम में सामान्य तौर पर केमिकल के जरिए शव को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जाती। आतंकवाद-रोधी मामलों के जानकार डॉ. मोहम्मद उमर ने भी कहा कि शव को एम्बामिंग के बजाय रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज में ही रखा गया था।

इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बनने की तैयारी

ईरान सरकार इस अंतिम संस्कार को देश के इतिहास के सबसे बड़े राजकीय आयोजनों में बदलने की तैयारी कर रही है। ईरानी मीडिया में सामने आई तस्वीरों में खामेनेई का ताबूत, जिस पर ईरान का राष्ट्रीय ध्वज लिपटा हुआ है, राजधानी के प्रमुख धार्मिक परिसर ग्रैंड मोसल्ला ले जाया जाता दिखाई दिया। अंतिम संस्कार से पहले यहां बड़े पैमाने पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़

अंतिम संस्कार से पहले आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग काले वस्त्र पहनकर पहुंचे। लाल फूलों और सफेद तितलियों से सजे मंच पर ताबूत रखा गया, जबकि पूरे परिसर को खामेनेई की तस्वीरों और उनके विचारों वाले बैनरों से सजाया गया। समारोह में उनके परिवार के अन्य मृत सदस्यों के शव भी रखे जाने की तैयारी है, जिससे यह आयोजन और भी बड़ा माना जा रहा है।

अगले सप्ताह कई शहरों में होंगे जुलूस

अंतिम संस्कार से पहले कोम, मशहद और इराक के कई स्थानों पर विशाल धार्मिक जुलूस और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब ईरान और अमेरिका प्रारंभिक समझौते के बाद नाजुक युद्धविराम का पालन कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के समारोह में शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा भारत, चीन, अफगानिस्तान समेत कई देशों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना है।

दो करोड़ लोगों की मौजूदगी का दावा

कोम में शुक्रवार की नमाज के नेता अयातुल्ला मोहम्मद सैदी ने सरकारी मीडिया से कहा कि शहीद नेता और अन्य मृतकों के अंतिम संस्कार में उमड़ने वाली भीड़ इस्लामिक रिपब्लिक के लिए एक तरह का जनसमर्थन साबित होगी। सरकार को उम्मीद है कि देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में 1.5 से 2 करोड़ समर्थक शामिल हो सकते हैं, जिससे युद्ध के बाद देश की एकजुटता और ताकत का संदेश दिया जाएगा।

पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मुज्तबा

खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुज्तबा को ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता बनाए जाने की प्रक्रिया को देश के इतिहास का बड़ा राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए मुज्तबा युद्ध शुरू होने के बाद सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। लगातार सुरक्षा खतरे को देखते हुए खबर है कि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होंगे।

क्यों इतने प्रभावशाली थे अयातुल्ला अली खामेनेई?

अयातुल्ला अली खामेनेई केवल ईरान के सर्वोच्च नेता ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रभावशाली शिया धर्मगुरुओं में भी शामिल थे। इराक, पाकिस्तान, लेबनान और एशिया के कई देशों में उनके बड़ी संख्या में अनुयायी थे। उन्हें शिया परंपरा में “मरजा” का दर्जा प्राप्त था, जिसके कारण उनके धार्मिक फैसलों और विचारों को दुनिया भर के अनेक शिया समुदायों में मार्गदर्शन के रूप में माना जाता था।

 

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Ayatollah Ali Khamenei, Ayatollah Funeral, Iran Funeral, Iran Israel War, Iran latest news, Iran News, Iran politics, Iran State Funeral, Iran Supreme Leader, Khamenei Body, Khamenei Funeral, Mashhad, Middle East News, Mojtaba Khamenei, Shia Law, US Iran conflict, अमेरिका इजरायल ईरान युद्ध, अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान न्यूज़, ईरान राजकीय अंतिम संस्कार, ईरान सुप्रीम लीडर, खामेनेई अंतिम संस्कार, खामेनेई शव कहां रखा गया, मशहद, मुज्तबा खामेनेई, शिया कानून
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article ‘मैडम सो रही हैं, डिस्टर्ब न करें…’ 1991 हाईजैक के दौरान बेनजीर भुट्टो से जुड़ा किस्सा सुनाकर पूर्व राजनयिक ने पाकिस्तान पर साधा निशाना
Next Article चीनी ऐप से बीच सड़क अचानक क्यों रुक रहे ई-रिक्शा? खुलासे ने बढ़ाई टेंशन, क्या अब सोलर ग्रिड भी खतरे में?

फीचर

View More

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन यह राज्य तब भी था विदेशी कब्जे में; 14 साल बाद ऐसे बना देश का 25वां राज्य

पणजी: 15 अगस्त 1947 को जब पूरा देश ब्रिटिश शासन से आजादी का जश्न मना रहा था, तब भारत का…

By vineet verma 6 Min Read

आधी रात को खत्म हुआ अंग्रेजों का राज, 15 अगस्त 1947 को ऐसे मिली भारत को आजादी; जानिए स्वतंत्रता की पूरी कहानी

नई दिल्ली: 15 अगस्त भारत के इतिहास की सबसे अहम तारीखों में…

6 Min Read

लाल किले से ही क्यों देश को संबोधित करते हैं प्रधानमंत्री? 15 अगस्त की इस परंपरा के पीछे छिपी है सत्ता, संघर्ष और आजादी की पूरी कहानी

नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsवर्ल्ड

इंडोनेशिया में 24 घंटे में 3 बड़े भूकंप से दहली धरती, 7.7 की तीव्रता ने बढ़ाई चिंता; आखिर क्यों बार-बार कांपता है यह इलाका?

इंडोनेशिया: महज 24 घंटे के भीतर तीन बड़े भूकंपों ने इंडोनेशिया में दहशत पैदा कर दी। इनमें फ्लोरेस द्वीप के…

7 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

ट्रंप से क्यों नाराज हैं सऊदी-UAE समेत खाड़ी देश? अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर उठने लगे सवाल

ईरान के साथ लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म करने की अमेरिकी रणनीति पर अब उसके सबसे करीबी खाड़ी…

7 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

साउथ कोरिया से क्यों खफा हुए ट्रंप? ईरान पर साथ नहीं मिला तो सैन्य अभ्यास में कटौती का दिया आदेश, किम जोंग उन का भी किया जिक्र

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को कम करने का आदेश…

5 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

Hormuz Crisis: होर्मुज में शिपिंग लगभग बंद, लाल सागर में हूतियों का हमला तेज; फिर भी कच्चे तेल की कीमतें क्यों नहीं उड़ीं?

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?