लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ में शुक्रवार को आयोजित बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जड़ें बेहद मजबूत हैं और पार्टी को कोई हिला नहीं सकता। अपने संबोधन में शाह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कार्यकर्ताओं से अगले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की।
करीब चार घंटे तक चली बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन की भूमिका और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को अर्जुन की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने का संदेश दिया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को चुनावी मोड में लाना रहा।
अमित शाह ने अखिलेश यादव को क्यों घेरा?
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत ही समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमले से की। उन्होंने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए सपा की तत्कालीन सरकार को निशाने पर लिया।
शाह ने कहा कि राम भक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना को जनता कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी को लगता है कि जनता पुरानी घटनाओं को भूल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
अमित शाह ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए इस मुद्दे को बीजेपी की राजनीतिक विचारधारा और जनसमर्थन से जोड़ा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने में जुटी है।
2014 और 2017 के चुनावों का जिक्र कर कार्यकर्ताओं में भरा जोश
बीजेपी की चुनावी रणनीति पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव के अनुभवों को याद किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चुनौतियों के बावजूद पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बड़ी चुनावी सफलता हासिल की।
शाह ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि पार्टी ने मुश्किल परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया, जब बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
अमित शाह ने इन चुनावी नतीजों को पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की ताकत का परिणाम बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसी तरह एकजुट होकर काम करने और आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के लक्ष्य को ध्यान में रखने की अपील की।
राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा हमला
अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी के राजनीति में आने के बाद से कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने दावा किया कि अगले 20 वर्षों तक कांग्रेस के लिए जीत हासिल करना मुश्किल होगा।
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का हिसाब रखने की नसीहत भी दी। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी दिया जीत का मंत्र
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने और मतदाताओं के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के संपर्क में रहने और पार्टी के पक्ष में संवाद मजबूत करने की अपील की। पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि विदेशी फंडिंग के जरिए भ्रम और अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ऐसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने को कहा।
वहीं, बीजेपी सांसद रवि किशन ने अमित शाह की तारीफ करते हुए उन्हें राजनीति का चाणक्य बताया। उन्होंने पार्टी के चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए शाह के नेतृत्व की सराहना की।
2027 के चुनाव पर बीजेपी का फोकस, बैठक में जुटे दिग्गज नेता
लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में संगठन की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावी लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी से जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ानी होगी।
बैठक के समापन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का कार्यक्रम भी निर्धारित था।
यूपी चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने तेज की तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव बीजेपी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी जहां अपनी सरकार दोबारा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल सरकार को घेरने और मतदाताओं के बीच अपना समर्थन बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं।
अमित शाह का लखनऊ में दिया गया संबोधन इस बात का संकेत है कि बीजेपी आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाना चाहती है। अब पार्टी के सामने इस संदेश को बूथ स्तर तक पहुंचाने और उसे चुनावी समर्थन में बदलने की चुनौती होगी।