Trending News

सिलिकॉन वैली के बाद अब ‘क्वांटम वैली’?  156-क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर से बदलेगा भारत का टेक भविष्य, अमरावती बन रही ग्लोबल हब

जहां एक ओर विशाखापटनम गूगल, टीसीएस और कॉग्निजेंट जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ एक मजबूत आईटी हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती चुपचाप लेकिन रणनीतिक तरीके से भविष्य की सबसे उन्नत तकनीक—क्वांटम कंप्यूटिंग—का केंद्र बनती जा रही है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में शुरू की गई अमरावती क्वांटम वैली (AQV) इस दिशा में राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत को क्वांटम तकनीक की वैश्विक दौड़ में आगे खड़ा करना है।

क्वांटम वैली: डीप टेक इकॉनमी की नींव

क्वांटम कंप्यूटिंग अभी भले ही शुरुआती दौर में हो, लेकिन दवा खोज, मटेरियल साइंस, लॉजिस्टिक्स और जटिल ऑप्टिमाइजेशन जैसी समस्याओं को यह तकनीक अभूतपूर्व गति से हल करने की क्षमता रखती है। इसी संभावनाओं को देखते हुए आंध्र प्रदेश ने दक्षिण एशिया का पहला क्वांटम कंप्यूटर स्थापित किया है। आईबीएम और टीसीएस के सहयोग से अमरावती में भारत की अब तक की सबसे बड़ी क्वांटम प्रणाली—156-क्यूबिट हेरोन प्रोसेसर—तैनात की जा रही है। मुख्यमंत्री नायडू का मानना है कि जैसे सिलिकॉन वैली ने डिजिटल युग को दिशा दी, वैसे ही अमरावती की क्वांटम वैली भविष्य की डीप-टेक अर्थव्यवस्था की नींव बनेगी।

छात्र, शोध और वैश्विक भागीदारी का केंद्र बनती अमरावती

क्वांटम इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत WISER–Qubitech–QKrishi जैसे बड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। अब तक 50,000 से ज्यादा छात्र इसमें नामांकन कर चुके हैं, जिनमें 51% महिलाएं हैं। हाइब्रिड मोड में चल रहे इस प्रोग्राम में क्वांटम फंडामेंटल्स से लेकर एडवांस्ड एल्गोरिदम तक की ट्रेनिंग दी जा रही है। टॉप परफॉर्मर्स को स्कॉलरशिप, रिसर्च मेंटरशिप और आईबीएम, टीसीएस, सी-डैक, सीएसआईआर जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। इसके साथ ही 50 एकड़ में फैली क्वांटम वैली में क्वांटम रिसर्च, हार्डवेयर डेवलपमेंट और ग्लोबल क्वांटम बायो फाउंड्री जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जो नई दवा डिजाइन और बायोमेडिकल रिसर्च को गति देंगी।

भारत को वैश्विक क्वांटम मानचित्र पर लाने की तैयारी

अमरावती अब अमेरिका, चीन, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे देशों के प्रमुख क्वांटम हब्स की कतार में खड़ी होने की ओर बढ़ रही है। यूरोपीय संघ की यूरोएचपीसी पहल के तहत चल रही वैश्विक कोशिशों के साथ तालमेल बनाते हुए अमरावती भारत की क्वांटम पहचान को मजबूत करेगी। यह पहल विशाखापटनम के आईटी इकोसिस्टम की पूरक बनकर राज्य में उच्च-तकनीकी नौकरियों, स्टार्टअप्स और आर्थिक विकास के नए अवसर खोलेगी। कुल मिलाकर, आंध्र प्रदेश न सिर्फ आईटी बल्कि क्वांटम क्रांति में भी भारत का अगुआ बनने की तैयारी कर चुका है।

news desk

Recent Posts

Reliance Jio Platforms IPO: खुलते ही मची लूट, 1 घंटे में 83% सब्सक्राइब; QIB ने बनाया रिकॉर्ड

शेयर बाजार की घंटी बजते ही 21 अक्टूबर की सुबह एक ऐसा तूफान आया जिसने…

5 minutes ago

‘उड़ता तीर’ की रिलीज से पहले गोल्डन टेंपल पहुंचीं सारा अली खान: गुरु घर में अरदास करते ही छलक पड़े आंसू, वायरल हुआ वीडियो

सुनहरी रोशनी से चमकता अमृतसर का दरबार साहिब, चारों तरफ भक्ति का माहौल और उसी…

30 minutes ago

IND vs NZ 1st T20: भारत-न्यूजीलैंड की भिड़ंत कल, जानें मैच का समय, लाइव स्ट्रीमिंग और स्क्वाड

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज…

32 minutes ago

Tiger Shroff Firing Case: एक फोन कॉल से खुला राज, कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन आरोपी

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच के…

54 minutes ago

India-US Trade Deal: कुछ ही हफ्तों में हो सकता है ऐतिहासिक समझौता, डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘समझौता बेहद करीब’

एक साल से अधिक समय से चल रही खींचतान, बैठकों का लंबा दौर और दुनिया…

1 hour ago