लखनऊ: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि सनातन समाज की एकता को तोड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने मामले की गहराई से जांच कराने और कार्रवाई की मांग भी की है।
अखिलेश यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है कि कोई राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति सनातन समाज की एकता को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है। उनके मुताबिक, यह जांच का विषय है कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के पीछे कोई षड्यंत्र तो नहीं है।
‘एक अवतार को दूसरे से बेहतर बताना गहरी साजिश’
सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में कहा कि एक अवतार की तुलना दूसरे अवतार से करके किसी को बेहतर बताने की कोशिश सनातन समाज के खिलाफ बड़ी चाल है। उन्होंने कहा कि हर सच्चा सनातनी दोनों अवतारों का उपासक होता है और नवमी-अष्टमी का भेद किसी के मन में नहीं होता।
अखिलेश ने यह भी कहा कि इस अनावश्यक तुलना से सनातन समाज के लोग आहत हुए हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि दोनों अवतारों के नाम का उल्लेख करके समाज की भावनाओं को और चोट नहीं पहुंचाना चाहते। उनके अनुसार, सनातन समाज के अलावा दूसरे समाजों और वैश्विक संगठनों ने भी इस विवाद पर नाराजगी जताई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि ‘लोकरक्षक’ और ‘लोकरंजक’ दोनों एक ही के अवतार हैं और उनकी लीलाएं अपने-अपने समय और काल के अनुरूप हुई हैं। उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
भाजपा सरकार पर भी अखिलेश ने साधा निशाना
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया देने के साथ ही अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को संविधान विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता जाने के डर से भाजपा ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं और वह संविधान तथा कानून का सम्मान नहीं कर रही है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भाजपा को दोहरी हार का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक, प्रदेश की जनता विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रही है और जिस दिन चुनाव की घोषणा होगी, उसी दिन भाजपा की हार तय हो जाएगी।
‘भाजपा बिना बेईमानी और चोरी के चुनाव नहीं जीत सकती’
अखिलेश यादव ने भाजपा को नकारात्मक सोच वाली, झूठी और बेईमान पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि वह बेईमानी के बिना चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता झूठ बोलकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
सपा प्रमुख ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से किसान, छात्र, नौजवान, व्यापारी और महिलाएं परेशान हैं। उनके मुताबिक, सरकार की शोषणकारी नीतियों का असर समाज के अलग-अलग वर्गों पर पड़ रहा है।