नई दिल्ली, 19 अप्रैल 2026 : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से एक बड़ा और थोड़ा चौंकाने वाला दावा सामने आया है। ‘AGI के पिता’ कहे जाने वाले Ben Goertzel का कहना है कि इंसानों जैसी सोचने-समझने वाली AI यानी Human-level AGI अब सिर्फ 2–3 साल दूर है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब Sam Altman भी हाल के इंटरव्यू में इसी तरह के संकेत दे चुके हैं। इससे साफ है कि टेक वर्ल्ड में AGI को लेकर रेस अब तेज हो चुकी है।
AGI क्या है और क्यों मची है हलचल?
AGI यानी Artificial General Intelligence—ऐसी AI जो इंसान की तरह किसी भी काम को समझकर कर सके। अभी हम ChatGPT या Gemini जैसे टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, जो “नैरो AI” हैं। लेकिन AGI हर फील्ड में काम करने वाली “जनरल इंटेलिजेंस” होगी—चाहे कोडिंग हो, क्रिएटिव राइटिंग या बिजनेस स्ट्रैटेजी।
Ben Goertzel ने एक पॉडकास्ट में साफ कहा, “जैसे ही मानव-स्तर का AGI आएगा, बहुत बड़ी संख्या में नौकरियां अप्रासंगिक हो जाएंगी।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह बदलाव धीरे-धीरे आएगा, अचानक नहीं।
नौकरियों पर असर और क्या करना होगा?
AGI के आने का मतलब सिर्फ टेक्नोलॉजी में बदलाव नहीं, बल्कि पूरी इकोनॉमी का रीसेट भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि IT, BPO, कंटेंट, कस्टमर सर्विस जैसे सेक्टर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
गोएर्ट्जेल का मानना है कि इस ट्रांजिशन फेज में सरकारों को Universal Basic Income (UBI) जैसे मॉडल पर विचार करना पड़ सकता है। साथ ही लोगों को अभी से अपनी स्किल्स बदलनी होंगी—खासकर क्रिएटिविटी, कम्युनिकेशन और AI के साथ काम करने की क्षमता।
वे ओपन-सोर्स AI के भी बड़े समर्थक हैं और मानते हैं कि AGI पर कुछ बड़ी कंपनियों का कंट्रोल नहीं होना चाहिए। उनकी कंपनी SingularityNET और Artificial Superintelligence Alliance इसी दिशा में काम कर रही हैं।
भारत के लिए खतरा या मौका?
भारत जैसे देश के लिए यह बदलाव दोधारी तलवार हो सकता है। एक तरफ IT और सर्विस सेक्टर की लाखों नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ AI स्किल्स और इनोवेशन में आगे बढ़कर भारत ग्लोबल लीडर भी बन सकता है।
कुल मिलाकर, Ben Goertzel का मैसेज साफ है—AGI आने वाला है, और बहुत जल्दी। सवाल सिर्फ इतना है कि हम इसके लिए कितने तैयार हैं।
अगर उनकी भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो आने वाले 2–3 साल दुनिया के लिए सबसे बड़े टेक बदलाव का दौर बन सकते हैं—जहां इंसान और मशीन के बीच की लाइन लगभग खत्म हो जाएगी।