Entertainment

अनुपर्णा रॉय की जीत के बाद अब ‘Super Six’ की बारी, वेनिस में क्या होगा खास?

सितंबर की शुरुआत के साथ ही दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में से एक का आगाज होने जा रहा है। दुनियाभर की बेहतरीन फिल्मों और फिल्ममेकर्स के बीच भारतीय सिनेमा भी अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराने के लिए तैयार है। लेकिन इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि 83वां वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मंच पर आखिर किस भारतीय फिल्ममेकर और फिल्म को बड़ा सम्मान मिलने वाला है? आइए जानते हैं इस खास फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी पूरी कहानी।

क्या है वेनिस अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव?

वेनिस फिल्म फेस्टिवल दुनिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में से एक है। इसकी शुरुआत साल 1932 में काउंट ग्यूसेप वोल्पी द्वारा की गई थी। यह हर साल अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में इटली के वेनिस शहर के ‘लीडो’ (Lido) द्वीप पर आयोजित किया जाता है।

इस महोत्सव का सबसे बड़ा और प्रमुख पुरस्कार गोल्डन लायन (Leone d’Oro) है, जो सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। वहीं, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री को वोल्पी कप (Coppa Volpi) से सम्मानित किया जाता है।

2025 के वेनिस में अनुपर्णा रॉय का जलवा

भारतीय फिल्ममेकर अनुपर्णा रॉय ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के ‘Orizzonti’ सेक्शन में अपनी डेब्यू फीचर फिल्म ‘Songs of Forgotten Trees’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला है।

इस सम्मान के साथ अनुपर्णा रॉय ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक खास उपलब्धि दर्ज की है। उनकी इस जीत ने न सिर्फ भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का गौरव बढ़ाया है, बल्कि दुनिया के प्रतिष्ठित फिल्म मंच पर भारतीय महिला फिल्ममेकर्स की मजबूत मौजूदगी भी दर्ज कराई है।

क्यों खास है वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल?

इस साल का वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल भारत के लिए बेहद खास होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल में भारत इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑर्गनाइजेशन की ओर से खास एंथोलॉजी ‘Super Six’ पेश की जा रही है।

इस एंथोलॉजी में भारत के उभरते फिल्ममेकर्स की छह अलग-अलग फिल्मों को शामिल किया गया है। इन्हीं फिल्मों में निर्देशक जो राजन की ‘Echoes of Us’ भी शामिल है।

भावनात्मक कहानी पर आधारित यह फिल्म अपने फेस्टिवल सफर में पहले ही दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर चुकी है। अब यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कुल मिलाकर, वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल भारतीय सिनेमा के लिए इस बार एक बड़े वैश्विक मंच के तौर पर सामने आ रहा है। अनुपर्णा रॉय की शानदार उपलब्धि ने पहले ही भारत का गौरव बढ़ा दिया है, वहीं ‘Super Six’ के जरिए उभरते भारतीय फिल्ममेकर्स को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिल रहा है। भारतीय सिनेमा की ये उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि देश की कहानियां अब वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। ऐसे में सभी की नजरें वेनिस पर टिकी हैं कि इस बार भारतीय फिल्में और फिल्ममेकर्स अंतरराष्ट्रीय मंच पर कितनी बड़ी छाप छोड़ने में कामयाब होते हैं।

news desk

Recent Posts

राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर लगी मुहर

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलने जा…

8 hours ago

दिल्ली होटल कांड पर प्रशांत किशोर का बड़ा हमला, बिना नाम लिए मंत्री पर साधा निशाना, सम्राट चौधरी को भी घेरा

बिहार की सियासत में दिल्ली के होटल कांड को लेकर छिड़े विवाद के बीच जन…

8 hours ago

CJP Politics: 100 फोन कॉल का दावा, BJP से भी ऑफर! सौरव दास बोले- अभी प्रेशर ग्रुप हैं, राजनीति का फैसला भविष्य में

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर…

8 hours ago

‘मदद नहीं, मुआवजा चाहिए’… नेपाल के विदेश मंत्री के बयान से क्यों बढ़ी भारत की चिंता?

26 अगस्त का दिन नेपाल के लिए एक ऐसी खौफनाक याद छोड़ गया, जिसे शायद…

8 hours ago

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिलेगा पहला CEO! बैठक में 3 नए सदस्यों के नाम पर भी मुहर की तैयारी

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की…

9 hours ago