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दो पासपोर्ट केस में अब्दुल्ला आजम की 7 साल की सजा रद्द, बड़ी राहत के बाद भी लेकिन अभी रामपुर जेल की सलाखों के पीछे ही रहेंगे

रामपुर / लखनऊ। समाजवादी पार्टी (SP) के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के परिवार के लिए आज शुक्रवार, 29 मई 2026 को कानूनी मोर्चे से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए (MP/MLA) सेशन कोर्ट ने दोहरे पासपोर्ट मामले में आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को सुनाई गई 7 साल की जेल की सजा को पूरी तरह रद्द (निरस्त) कर दिया है

अदालत ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अब्दुल्ला आजम की ओर से दाखिल की गई अपील को स्वीकार करते हुए यह बड़ा फैसला सुनाया। इस मामले में 25 मई को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सार्वजनिक किया गया।

मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को सेशन कोर्ट ने पलटा

इससे पहले, रामपुर की एमपी/एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 5 दिसंबर 2025 को इस संवेदनशील मामले में अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए 7 साल की अधिकतम सजा और जुर्माना लगाया था। इस फैसले को अब्दुल्ला आजम के वकीलों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां कानूनी दलीलों के आधार पर निचली अदालत का आदेश टिक नहीं सका और उसे खारिज कर दिया गया।

क्या था दोहरे पासपोर्ट का वो ‘विवाद’, जो भाजपा विधायक ने दर्ज कराया था?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में रामपुर की यह कानूनी जंग हमेशा से ही बेहद चर्चित रही है:

  • किसने दर्ज कराया था मुकदमा: रामपुर से बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई 2019 को सिविल लाइंस थाने में यह एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी।
  • क्या था आरोप: आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने जालसाजी करते हुए अलग-अलग जन्मतिथि (Date of Birth) दिखाकर दो अलग-अलग पासपोर्ट हासिल किए।
  • तिथियों का झोल: शिकायत के मुताबिक, एक पासपोर्ट में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 अंकित थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज पाई गई थी। बीजेपी पक्ष का आरोप था कि दोनों ही पासपोर्ट का इस्तेमाल करके विदेश यात्राएं की गईं, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन था।


राहत तो मिली, लेकिन अभी रामपुर जेल की सलाखों के पीछे ही रहेंगे अब्दुल्ला

भले ही इस मामले में सेशन कोर्ट से अब्दुल्ला आजम खान को एक बड़ी और नैतिक जीत मिल गई हो, लेकिन उनके जेल से बाहर आने का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।

क्यों नहीं आ पाएंगे जेल से बाहर: कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम खान इस समय रामपुर जेल में बंद हैं और उन पर कई अन्य आपराधिक और राजनीतिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ बेहद गंभीर मामलों की सुनवाई इस समय देश की सबसे बड़ी अदालत (Supreme Court) में जारी है। जब तक उन मामलों में भी जमानत या रिहाई का आदेश नहीं आ जाता, तब तक उन्हें जेल के भीतर ही दिन काटने होंगे।

फिर भी, समाजवादी पार्टी के कुनबे और आजम खान के समर्थकों के लिए इस सजा का रद्द होना एक बड़े बूस्टर डोज की तरह देखा जा रहा है।

news desk

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