लखनऊ. राजधानी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रणाली की सच्चाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. कृष्णा नगर स्थित SVM हॉस्पिटल में संतकबीरनगर की रहने वाली प्रियंका चौरसिया अपने पिता की गंभीर हालत को लेकर पिछले कई दिनों से परेशान हैं.
प्रियंका के पिता रामाशीष चौरसिया छत से गिर गए थे, उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई, और हालत बेहद गंभीर है। इलाज के लिए जब SGPGI ने मना कर दिया, तो मजबूरी में प्रियंका ने एम्बुलेंस चालक की सलाह पर उन्हें SVM हॉस्पिटल में भर्ती कराया, उम्मीद थी कि यहां सही इलाज मिलेगा.
इलाज से ज्यादा भारी पड़े बिल
डॉक्टरों ने प्रियंका से कहा कि “दो लाख रुपये जमा कर दो, मरीज ठीक हो जाएगा.” पेट्रोल पंप पर नौकरी करके परिवार चलाने वाली प्रियंका ने घर और गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाए. लेकिन उनका आरोप है कि अस्पताल ने दो से ढाई लाख रुपये और वसूल लिए.
अब जब प्रियंका पैसे खत्म होने के कारण पिता को डिस्चार्ज करवाना चाहती हैं, तो अस्पताल ने एक लाख रुपये और की मांग कर दी है, वरना डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा.
प्रियंका अब पूरी तरह टूट चुकी हैं. उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई, कहा कि “मुख्यमंत्री जी, मेरे पिता को डिस्चार्ज करवा दीजिए… अब मेरे पास न पैसे बचे हैं, न गहने, न कोई उम्मीद.”
अस्पताल की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि इलाज का आर्थिक बोझ आम नागरिकों के लिए बीमारी से भी बड़ा दर्द बन गया है. अब सबकी निगाहें सरकार की ओर हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाती है.