केरल की राजनीति में इन दिनों नया हंगामा मचा हुआ है. वजह हैं सीपीएम के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आनी अशोकन, जिन्होंने दावा किया है कि थिरुवनंतपुरम में CPM और BJP के बीच ज़मीनी स्तर पर गुप्त समझौता चल रहा है. उनका कहना है कि कुछ लोकल कमेटियाँ जानबूझकर ऐसे उम्मीदवार उतार रही हैं, जिनसे भाजपा को फायदा हो और कांग्रेस कमजोर पड़े.
अशोकन ने खुलकर एक स्थानीय नेता कदमकपल्ली सुरेन्द्रन का नाम भी लिया और कहा कि “कुछ सीटों पर वोट-शिफ्टिंग की स्ट्रैटेजी अपनाई जा रही है, जिससे भाजपा को अप्रत्यक्ष सपोर्ट मिल सके.” यानी चुनाव आते-आते वामपंथी कार्यकर्ताओं के वोट भाजपा की तरफ मोड़े जा रहे हैं.
अब बात यहीं खत्म नहीं होती. CPM राष्ट्रीय स्तर पर खुद को INDIA गठबंधन का हिस्सा बताती है, लेकिन राज्य में हाल के कुछ फैसलों (जैसे केंद्र की PM SHRI स्कीम को सपोर्ट) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के कान खड़े कर दिए हैं. ऐसे में आनी अशोकन के आरोपों ने पुराने शक को फिर हवा दे दी है — क्या CPM और BJP की सीक्रेट अंडरस्टैंडिंग सच है?
हालांकि अभी तक न तो CPM और न ही BJP ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सफाई दी है. लेकिन अगर इस दावे में ज़रा भी सच्चाई निकली, तो ये केरल की राजनीति का गेमचेंजर मोमेंट साबित हो सकता है.