अगर आप इंटरनेट ब्राउज़िंग के लिए Google Chrome का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) ने क्रोम यूजर्स के लिए एक ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है।
एजेंसी के मुताबिक, गूगल क्रोम के पुराने वर्जन्स में कुछ गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी आपके डिवाइस में चोरी से घुसना का काम कर सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
CERT-In की रिपोर्ट के अनुसार, क्रोम में मौजूद इन कमियों का इस्तेमाल करके हैकर्स ‘रिमोट कोड एग्जीक्यूशन’ कर सकते हैं। इसका आसान भाषा में मतलब यह है कि कोई अनजान व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर आपके कंप्यूटर या लैपटॉप को कंट्रोल कर सकता है, आपका डेटा चुरा सकता है या उसे पूरी तरह ब्लॉक कर सकता है।

निशाने पर कौन से यूजर्स हैं?
यह खतरा उन यूजर्स के लिए सबसे ज्यादा है जो विंडोज, मैक और लिनक्स पर क्रोम के पुराने वर्जन Android 14, Android 15, Android 16 और 16-QPR2 को यूज़ करते है।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
घबराने की जरूरत नहीं है, इस खतरे से बचने के लिए आपको बस अपना ब्राउज़र अपडेट करना है: अपने सिस्टम पर गूगल Chrome ओपन करें। सेटिंग में ऊपर दाईं ओर दिख रहे तीन डॉट्स (⋮) पर क्लिक करें। नीचे दिए गए Help ऑप्शन पर जाएं और फिर About Google Chrome पर क्लिक करें। क्लिक करते ही क्रोम खुद-ब-खुद लेटेस्ट वर्जन चेक करेगा और डाउनलोड शुरू कर देगा। अपडेट पूरा होने के बाद Relaunch बटन दबाएं।
एक्सपर्ट्स की राय
डिजिटल दुनिया में ‘अपडेट’ ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। कभी भी ब्राउज़र या सॉफ्टवेयर अपडेट को इग्नोर न करें। साइबर सुरक्षा ने इस अपडेट को अनिवार्य बताया है। अपनी बैंकिंग डिटेल्स और निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए इसे अभी पूरा करें।