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Indian Press House > Blog > फीचर > “नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?
फीचर

“नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?

news desk
Last updated: May 12, 2026 3:43 pm
news desk
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पंजाब, जिसे कभी देश का “अन्नदाता” कहा जाता था, आज ड्रग्स, अपराध और सुरक्षा संकट को लेकर लगातार सुर्खियों में है। आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने सत्ता में आते ही “नशे के खिलाफ युद्ध” का वादा किया था, लेकिन हालिया आंकड़े और घटनाएं एक जटिल तस्वीर पेश करते हैं।

Contents
ड्रग्स की जड़ें: इतिहास से वर्तमान तकराजनीति और वादेवर्तमान स्थिति: डेटा बनाम जमीनी हकीकतऔर सुरक्षा चिंताआतंकवाद और बाहरी खतरे

हालिया उपलब्ध NCRB आंकड़ों के अनुसार, पंजाब NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल रहा है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रग ओवरडोज से कई मौतें भी दर्ज की गई हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या हालात में वाकई सुधार हुआ है।

ड्रग्स की जड़ें: इतिहास से वर्तमान तक

पंजाब में नशे की समस्या नई नहीं है। इसकी जड़ें 1980-90 के दशक में आतंकवाद के दौर से जुड़ी मानी जाती हैं, जब सीमापार तस्करी के जरिए अफीम और हेरोइन का नेटवर्क फैला।

2000 के बाद सिंथेटिक ड्रग्स—जैसे “चिट्टा” और “आइस”—ने युवाओं को तेजी से प्रभावित किया, और 2010 के दशक तक पंजाब को “ड्रग हब” के रूप में देखा जाने लगा।

राजनीति और वादे

2007-2017 के अकाली-बीजेपी शासनकाल में विपक्ष ने आरोप लगाए कि ड्रग माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला। इसी मुद्दे पर AAP ने 2022 के चुनावों में बड़ा वादा किया कि सत्ता में आने के बाद पंजाब को नशा मुक्त किया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने भी दावा किया था कि राज्य में “नशे की छठी नदी” बह रही है, जिसे खत्म करना जरूरी है

वर्तमान स्थिति: डेटा बनाम जमीनी हकीकत

सरकार का कहना है कि सख्त कार्रवाई के कारण NDPS मामलों में बढ़ोतरी दिख रही है, क्योंकि अधिक गिरफ्तारी और छापेमारी की जा रही है।

हालांकि, जमीनी स्तर पर ड्रग सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क के पूरी तरह खत्म होने के संकेत अभी स्पष्ट नहीं हैं।

और सुरक्षा चिंता

हाल के वर्षों में कुछ आपराधिक घटनाओं और गैंगस्टर गतिविधियों ने कानून-व्यवस्था पर बहस को तेज किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पंजाब में ड्रग्स की स्थिति को “चिंताजनक” बताया है।

इसके अलावा, किशोर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

आतंकवाद और बाहरी खतरे

हाल के वर्षों में ड्रोन के जरिए तस्करी, सीमापार नेटवर्क और कुछ उग्रवादी मॉड्यूल से जुड़ी घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।

जहां विपक्ष इसे सरकार की विफलता बताता है, वहीं सरकार इसे बाहरी साजिश का हिस्सा मानती है।AAP सरकार का दावा है कि उसने ड्रग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है और कई तस्करों को गिरफ्तार किया है।

लेकिन आंकड़े और जमीनी हालात यह संकेत देते हैं कि समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। बड़ा सवाल यही है क्या पंजाब “रंगला पंजाब” की ओर बढ़ रहा है, या फिर अभी भी ड्रग संकट के चक्र में फंसा हुआ है?

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TAGGED: AAP Punjab, Bhagwant Mann government, drug problem Punjab, Punjab Crime News, Punjab drug crisis, Punjab drugs issue, Punjab news
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