संभल ज़िले में मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर मस्जिद शरीफ गोसुलबारा रावां बुजुर्ग और उसके मुतवल्ली मिंजर की ओर से दाखिल याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट शनिवार सुबह खारिज कर दिया है.
यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने मस्जिद पक्ष के वकील और राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल की दलीलें सुनने के बाद सुनाया है.
कोर्ट ने कहा- वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाये याचिकाकर्ता
दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद, बारातघर और अस्पताल पर चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी. इसके लिए दशहरा अवकाश के दौरान शनिवार सुबह विशेष बेंच गठित कर तत्काल सुनवाई भी की गई थी. लेकिन कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाते हुए ट्रायल कोर्ट जायें.
याचिका में आरोप लगाया गया था कि ध्वस्तीकरण गांधी जयंती और दशहरे की छुट्टी के दिन किया गया, जिससे भीड़भाड़ की स्थिति में किसी अप्रिय घटना की आशंका थी. साथ ही यह भी कहा गया कि बारातघर पहले ही ढहा दिया गया है.
वहीं प्रशासन का कहना है कि बारातघर तालाब की ज़मीन पर और मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी भूमि पर निर्मित है.
आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का दिया गया था निर्देश
इससे पहले शुक्रवार को भी करीब सवा घंटे सुनवाई हुई थी, जिसमें मस्जिद पक्ष को कोई अंतरिम राहत नहीं मिल सकी थी. हालांकि कोर्ट ने आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था और शनिवार को मामले की दोबारा सुनवाई तय की थी.