दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की जा रही है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में आयोजित इस रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या पहुंच रही है। गठबंधन की ओर से इस आयोजन में 23 राजनीतिक दलों के शामिल होने की बात कही गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता इस रैली के जरिए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।
खरगे के आवास पर जुटे विपक्षी नेता, फिर रामलीला मैदान के लिए होंगे रवाना
महारैली से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला समेत कई वरिष्ठ नेता वहां पहुंचे।
इसके बाद सभी नेताओं के रामलीला मैदान पहुंचने और रैली में शामिल होने का कार्यक्रम है। गठबंधन के प्रमुख चेहरों में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी का नाम भी शामिल है। विपक्षी दल इस आयोजन के जरिए मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहते हैं।
23 पार्टियों की भागीदारी, 10 लाख लोगों के जुटने का दावा
INDIA गठबंधन की इस महारैली में 23 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है।
सुबह से ही रामलीला मैदान में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। कई वामपंथी दलों के समर्थक भी झंडे और बैनर लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से कार्यकर्ता रैली स्थल की ओर रवाना हुए।
रैली का निर्धारित कार्यक्रम शाम 5 बजे तक रखा गया है। विपक्षी दलों की कोशिश है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर एक साझा राजनीतिक संदेश दिया जाए।
राहुल गांधी की छात्रों और नागरिक समाज से अपील
रैली से पहले राहुल गांधी ने छात्रों, नागरिक समाज के संगठनों और आम नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित पैदल मार्च का रूट मैप भी साझा किया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में लोगों से साथ चलने की अपील करते हुए लिखा, ‘मिलते हैं, साथ चलते हैं।’
इससे पहले उन्होंने व्यापारियों को लेकर भी संदेश जारी किया। राहुल गांधी ने कहा कि रैली के कारण कारोबारियों को नुकसान नहीं होगा और लोगों से अपील की कि वे कार्यक्रम में शामिल होने के साथ स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें।
200 से 250 CCTV कैमरों से निगरानी, दिल्ली पुलिस अलर्ट
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मध्य दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर के मुताबिक, सुबह 5:30 बजे से ही लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस प्रतिभागियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के साथ स्थानीय निवासियों को परेशानी से बचाने के लिए भी व्यवस्था कर रही है। पूरे इलाके की निगरानी के लिए 200 से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आयोजकों का अपना कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
पुलिस ने रैली और प्रस्तावित पैदल मार्च के मद्देनजर सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन की योजना तैयार की है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
SIR और वोटर लिस्ट पर विपक्ष की लड़ाई, चुनाव आयोग पर उठेंगे सवाल
इस महारैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताएं हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा दिया है।
वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बताया जाता है। ऐसे में इस रैली के जरिए विपक्ष अपनी आपत्तियां और सवाल सार्वजनिक मंच से उठाने की तैयारी में है।
रामलीला मैदान में हो रहा यह आयोजन विपक्षी एकजुटता, मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक बहस के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।