उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और पूर्व नौकरशाह की एंट्री ने बिजनौर की धामपुर विधानसभा सीट पर सियासी हलचल बढ़ा दी है। जौनपुर के जिलाधिकारी पद से करीब तीन महीने पहले रिटायर हुए पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने अब सक्रिय राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है।
उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर धामपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा खुलकर जाहिर की है। खास बात यह है कि उन्होंने खुद को धामपुर के पुरैनी गांव का निवासी बताते हुए क्षेत्र के विकास के लिए काम करने की बात कही है।
31 अक्टूबर 2026 को बिजनौर के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और चुनाव लड़ने की मंशा स्पष्ट की। उनके इस ऐलान के बाद धामपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी की संभावित दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बाहरी नेताओं पर निशाना, बोले- धामपुर की मिट्टी से जुड़ा हूं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व आईएएस अधिकारी ने बिना किसी का नाम लिए क्षेत्र से बाहर के नेताओं की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महात्मा विदुर की धरती ने कई नेताओं को बड़े पदों तक पहुंचाया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई नेता क्षेत्र में लौटकर जनता की सेवा नहीं करते।
डॉ. सिंह ने कहा कि वह धामपुर के पुरैनी गांव के मूल निवासी हैं और उनकी इच्छा अपने ही क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर काम करने की है।
अपनी भूमिका को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उदाहरण भी दिया। उनका कहना था कि जिस तरह एक छोटी सी गिलहरी ने सेतु निर्माण में योगदान दिया था, उसी तरह वह भी बिजनौर के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
15 दिन में 2.54 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाने का दावा
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने अपनी प्रशासनिक पारी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सहारनपुर के जिलाधिकारी के रूप में किए गए कामों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में महज 15 दिनों के भीतर 2.54 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाए गए थे। इस उपलब्धि के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव ने उन्हें सम्मानित भी किया था।
पूर्व आईएएस अधिकारी जौनपुर, सहारनपुर, बहराइच और कानपुर देहात जैसे जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हें चुनावी प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी अनुभवी अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
उनका कहना है कि प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल वह धामपुर में शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करने में करना चाहते हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए भी दिया था इंटरव्यू
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने करियर से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए भी आवेदन किया था।
उनके मुताबिक, कुल 5,585 आवेदकों में से अंतिम इंटरव्यू के लिए चुने गए 16 उम्मीदवारों में वह दूसरे स्थान पर थे। हालांकि पद एक ही होने के कारण किसी अन्य उम्मीदवार का चयन हुआ।
CM योगी से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
डॉ. सिंह की राजनीतिक दावेदारी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी हालिया मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि इस मुलाकात को बीजेपी की ओर से टिकट की सहमति या आधिकारिक समर्थन के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने बीजेपी की राष्ट्रवादी विचारधारा में विश्वास जताते हुए धामपुर विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट मिलने की उम्मीद जाहिर की है।
क्या धामपुर में पूर्व IAS पर दांव लगाएगी BJP?
धामपुर विधानसभा सीट पर अब पूर्व नौकरशाह की दावेदारी ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में नई चर्चा छेड़ दी है। एक तरफ डॉ. दिनेश चंद्र सिंह अपने प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय पहचान को अपनी ताकत बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के सामने उम्मीदवार चयन का फैसला होगा।
फिलहाल पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में धामपुर से इस पूर्व आईएएस अधिकारी को मौका देगी या किसी पुराने राजनीतिक चेहरे पर ही भरोसा जताएगी?