नई दिल्ली: हर किसी का सपना फिल्मों में काम करना नहीं होता, लेकिन कभी-कभी जिंदगी ऐसा मोड़ लेती है, जिसकी कल्पना भी नहीं की होती। अभिनेत्री कृति खरबंदा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ मॉडलिंग कर रही थीं और फिल्मों में आने का उनका कोई खास इरादा नहीं था। तभी एक विज्ञापन के होर्डिंग पर लगी उनकी तस्वीर ने एक फिल्ममेकर का ध्यान खींच लिया। इसके बाद ऑडिशन हुआ और करीब 150 लड़कियों में से कृति को चुन लिया गया। साउथ सिनेमा से अभिनय की शुरुआत करने वाली कृति ने आगे चलकर बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई। फिल्म ‘शादी में जरूर आना’ में आरती शुक्ला का किरदार उनके करियर का ऐसा मोड़ बना, जिसने उन्हें हिंदी दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।
दिल्ली में जन्म, ज्वेलरी डिजाइनिंग की पढ़ाई और फिर मॉडलिंग
कृति खरबंदा का जन्म 29 अक्टूबर 1990 को दिल्ली में हुआ था। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग में डिप्लोमा हासिल किया। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही वह विज्ञापनों में काम करने लगी थीं। बचपन में उन्होंने आइसक्रीम के एक विज्ञापन में भी काम किया था। इसके बाद मॉडलिंग का सिलसिला आगे बढ़ा और वह कई ब्रांडों के विज्ञापनों में नजर आईं।
उस वक्त शायद कृति ने भी नहीं सोचा होगा कि विज्ञापनों के लिए कैमरे के सामने आना उन्हें फिल्मों तक पहुंचा देगा। लेकिन चेन्नई में एक सुपरमार्केट चेन के विज्ञापन के लिए लगे होर्डिंग पर उनकी तस्वीर ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
होर्डिंग पर तस्वीर देखकर फिल्ममेकर ने किया संपर्क
कृति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि चेन्नई में एक सुपरमार्केट चेन के विज्ञापन वाले होर्डिंग पर उनकी तस्वीर लगी थी। फिल्ममेकर राज पिपल्ला की नजर उस तस्वीर पर पड़ी। वह अपनी तेलुगु फिल्म के लिए एक नई अभिनेत्री की तलाश कर रहे थे। कृति की तस्वीर देखने के बाद उनकी टीम ने उनसे संपर्क किया और ऑडिशन देने के लिए बुलाया।
शुरुआत में कृति को लगा कि शायद कोई उनके साथ मजाक कर रहा है। लेकिन जब वह हैदराबाद पहुंचीं, तो उन्हें एहसास हुआ कि फिल्ममेकर उन्हें सचमुच अपनी फिल्म में लेना चाहते हैं। उन्होंने ऑडिशन दिया और करीब 150 लड़कियों में से उनका चयन हो गया। परिवार की सलाह के बाद कृति ने इस मौके को स्वीकार कर लिया। इसी फैसले ने उनके फिल्मी सफर की शुरुआत की।
तेलुगु फिल्म ‘बोनी’ से शुरू हुआ अभिनय का सफर
कृति खरबंदा ने साल 2009 में तेलुगु फिल्म ‘बोनी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता सुमंत नजर आए थे। इसके बाद 2010 में उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘चिरू’ से कन्नड़ सिनेमा में कदम रखा।
शुरुआती दौर में कृति ने तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में लगातार काम किया। साल 2013 में आई कन्नड़ फिल्म ‘गूगली’ उनके करियर के लिए अहम साबित हुई। इस फिल्म में वह अभिनेता यश के साथ नजर आई थीं। फिल्म की सफलता के बाद कृति को साउथ सिनेमा में नए अवसर मिलने लगे और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली।
‘शादी में जरूर आना’ की आरती ने बदल दी पहचान
साउथ सिनेमा में काम करने के बाद कृति ने बॉलीवुड का रुख किया। साल 2016 में वह इमरान हाशमी के साथ फिल्म ‘राज रीबूट’ में नजर आईं। हालांकि, हिंदी फिल्मों में उन्हें खास पहचान अगले साल रिलीज हुई ‘शादी में जरूर आना’ से मिली।
इस फिल्म में कृति ने आरती शुक्ला का किरदार निभाया था। उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया और आरती का किरदार उनकी पहचान से जुड़ गया। कई दर्शक उन्हें उनके असली नाम के बजाय आरती कहकर भी पहचानने लगे। यही वह भूमिका थी, जिसने हिंदी सिनेमा में उनकी लोकप्रियता को एक नई दिशा दी।
‘हाउसफुल 4’ से ‘14 फेरे’ तक, कई तरह के किरदार निभाए
कृति खरबंदा ने अपने करियर में अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम किया है। वह ‘गेस्ट इन लंदन’, ‘यमला पगला दीवाना फिर से’, ‘हाउसफुल 4’, ‘पागलपंती’, ‘तैश’ और ‘14 फेरे’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने कॉमेडी से लेकर दूसरे तरह के किरदारों तक अपनी अभिनय क्षमता दिखाने की कोशिश की।
उनके काम को पुरस्कारों के जरिए भी पहचान मिली। साल 2015 में कन्नड़ फिल्म ‘सुपर रंगा’ के लिए उन्हें साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (क्रिटिक्स) का पुरस्कार मिला। साल 2019 में लोकमत स्टाइलिश अवॉर्ड्स में उन्हें मोस्ट स्टाइलिश राइजिंग स्टार का सम्मान दिया गया। वहीं, 2020 में फिल्म ‘हाउसफुल 4’ के लिए लायंस गोल्ड अवॉर्ड्स में उन्हें कॉमिक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
पुलकित सम्राट से मुलाकात, दोस्ती से शादी तक पहुंचा रिश्ता
कृति खरबंदा की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है। उन्होंने अभिनेता पुलकित सम्राट के साथ 15 मार्च 2024 को शादी की। दोनों की मुलाकात फिल्मों में साथ काम करने के दौरान हुई थी। साथ काम करते हुए उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
कृति का सफर इस बात की मिसाल है कि कभी-कभी एक अप्रत्याशित मौका भी जिंदगी बदल सकता है। विज्ञापन के एक होर्डिंग पर लगी तस्वीर से शुरू हुआ उनका सफर साउथ सिनेमा से होते हुए बॉलीवुड तक पहुंचा। और ‘शादी में जरूर आना’ की आरती ने उन्हें ऐसी पहचान दी, जिससे आज भी कई दर्शक उन्हें याद करते हैं।