रोशनी और खुशियों का महापर्व दिवाली, जिसे हर साल लगातार 5 दिनों तक पूरे धूमधाम से मनाया जाता है, इस बार एक अनोखे बदलाव के साथ आ रहा है। आमतौर पर धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाली इस 5 दिनों की लड़ी में इस साल बीच में 1 दिन का विराम यानि गैप लग रहा है। धनतेरस के साथ शुरू हो रहे इस दीपोत्सव में जहां एक तरफ लक्ष्मी पूजन और रूप चौदस की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं 10 तारीख को पड़ने वाले इस एक दिन के गैप ने लोगों के मन में तारीखों को लेकर उलझन पैदा कर दी है। ऐसे में हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर 10 तारीख के बाद भाई दूज किस दिन मनाया जाएगा 11 तारीख को या किसी और दिन? आइए जानते हैं इस साल दिवाली के इस 5 दिवसीय पर्व का पूरा कैलेंडर और भाई दूज का शुभ मुहूर्त।
6 नवंबर को धनतेरस, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त
दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस के साथ हो रही है। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, वाहन और नए सामान की खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजें घर में बरकत और समृद्धि लेकर आती हैं। प्रदोष काल में कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।
7 नवंबर को छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी), जानें महत्व
धनतेरस के ठीक अगले दिन यानी 7 नवंबर, शनिवार को छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। इसे रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन शाम को दीया जलाने की परंपरा है, जिससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
8 नवंबर को दिवाली, जानें लक्ष्मी-गणेश पूजन का मुहूर्त
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। तस्वीर में दी गई जानकारी के अनुसार, इस साल दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि सुबह 10:50 बजे शुरू होगी। लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:37 बजे से 7:34 बजे तक बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना करेंगे।

9 नवंबर को गोवर्धन पूजा, जानें तिथि का समय
दिवाली के अगले दिन 9 नवंबर, सोमवार को गोवर्धन पूजा की जाएगी। तस्वीर के अनुसार, अमावस्या तिथि सुबह 11:20 बजे समाप्त होगी और इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत से जुड़ा प्रमुख पर्व है। इस दिन भक्त गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की परंपरा निभाते हैं तथा सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

10 नवंबर को क्यों रहेगा त्योहारों के बीच अंतर?
दिवाली और गोवर्धन पूजा के बाद 10 नवंबर को प्रमुख पर्वों के क्रम में एक दिन का अंतर दिखाई देगा। इसकी वजह तिथियों की गणना और धार्मिक पर्वों का निर्धारण है। हालांकि, अलग-अलग पंचांगों और क्षेत्रों में पर्वों की तारीख या पूजा के समय में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करना उचित रहेगा।
11 नवंबर को भाई दूज, जानें तिलक का शुभ मुहूर्त
भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। इसे भैया दूज और यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं। तस्वीर में दी गई जानकारी के अनुसार, द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे से शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 2:12 बजे तक रहेगी। भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा 11 नवंबर को होगी।

दिवाली से भाई दूज तक त्योहारों का कैलेंडर
- 6 नवंबर, शुक्रवार: धनतेरस और खरीदारी का पर्व
- 7 नवंबर, शनिवार: छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी / रूप चौदस)
- 8 नवंबर, रविवार: दिवाली और लक्ष्मी-गणेश पूजन
- 9 नवंबर, सोमवार: गोवर्धन पूजा
- 10 नवंबर, मंगलवार: प्रमुख पर्वों के क्रम में एक दिन का अंतर
- 11 नवंबर, बुधवार: भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। त्योहारों की तिथियों और शुभ मुहूर्त में अलग-अलग पंचांगों और स्थानों के अनुसार अंतर हो सकता है। सही जानकारी के लिए स्थानीय पंचांग देखें।