Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 30 साल बाद शरद पूर्णिमा पर दुर्लभ संयोग! क्यों खुले आसमान में रखी जाती है खीर, क्या सच में चांदनी से बरसता है अमृत?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > 30 साल बाद शरद पूर्णिमा पर दुर्लभ संयोग! क्यों खुले आसमान में रखी जाती है खीर, क्या सच में चांदनी से बरसता है अमृत?
Latest Newsधर्मफीचर

30 साल बाद शरद पूर्णिमा पर दुर्लभ संयोग! क्यों खुले आसमान में रखी जाती है खीर, क्या सच में चांदनी से बरसता है अमृत?

vineet verma
Last updated: October 25, 2026 1:17 pm
vineet verma
Share
SHARE

सरायकेला-खरसावां: हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। 25 अक्टूबर, रविवार को सरायकेला-खरसावां समेत कई क्षेत्रों में यह पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा, चंद्रमा के दर्शन और रात में खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा है। इस बार 30 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग बनने की चर्चा ने भी शरद पूर्णिमा को खास बना दिया है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होकर अमृत जैसी शीतल किरणें बरसाता है।

Contents
शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी-नारायण की पूजा क्यों होती है?30 साल बाद दुर्लभ संयोग की क्यों हो रही चर्चा?आसमान में खीर रखने की क्या है परंपरा?क्या चांदनी में सचमुच होते हैं औषधीय गुण?भगवान कृष्ण के महारास से भी जुड़ी है मान्यताशरद पूर्णिमा पर किन परंपराओं का किया जाता है पालन?

शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी-नारायण की पूजा क्यों होती है?

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं में इस दिन को बेहद शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और भगवान विष्णु की आराधना से परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

इस अवसर पर कई मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। घरों में भी मां लक्ष्मी की पूजा के साथ सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन किया जाता है। कई श्रद्धालु धन-समृद्धि की कामना से व्रत रखते हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद भोजन ग्रहण करते हैं।

30 साल बाद दुर्लभ संयोग की क्यों हो रही चर्चा?

इस बार शरद पूर्णिमा पर 30 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग बनने की चर्चा हो रही है। हालांकि, इस संयोग से जुड़े विशिष्ट ज्योतिषीय योगों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। धार्मिक दृष्टि से शरद पूर्णिमा को हर साल ही खास माना जाता है, लेकिन शुभ संयोग की चर्चा के कारण इस बार श्रद्धालुओं की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इसीलिए इस रात चंद्र दर्शन, पूजा-पाठ और जागरण का विशेष महत्व बताया जाता है।

आसमान में खीर रखने की क्या है परंपरा?

शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर उसे रात में खुले आसमान के नीचे रखने की परंपरा काफी प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात चंद्रमा की किरणों में अमृत जैसा गुण होता है। माना जाता है कि चांदनी में रखी खीर सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से लाभ मिलता है।

कई परिवार रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पूजा करते हैं और खीर का भोग लगाते हैं। इसके बाद सुबह खीर को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और शरद पूर्णिमा के प्रमुख धार्मिक रीति-रिवाजों में शामिल है।

क्या चांदनी में सचमुच होते हैं औषधीय गुण?

धार्मिक मान्यताओं में शरद पूर्णिमा की चांदनी को औषधीय गुणों से युक्त बताया गया है। ऐसी आस्था है कि चंद्रमा की शीतल किरणें शरीर को लाभ पहुंचाती हैं और चांदनी में रखी खीर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है।

हालांकि, चांदनी में खीर रखने से उसके औषधीय गुण बढ़ने, रोगों का इलाज होने या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के दावों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी हैं। इसलिए इस परंपरा को धार्मिक आस्था के रूप में देखना चाहिए, किसी बीमारी के उपचार का प्रमाणित विकल्प नहीं मानना चाहिए।

भगवान कृष्ण के महारास से भी जुड़ी है मान्यता

शरद पूर्णिमा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी रात भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इसी वजह से वैष्णव परंपरा में भी इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है।

इस दिन कई श्रद्धालु रात में जागरण करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और भगवान की आराधना में समय बिताते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी कई लोग इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

शरद पूर्णिमा पर किन परंपराओं का किया जाता है पालन?

शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालु अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा करते हैं। आम तौर पर इस दिन ये रीति-रिवाज प्रचलित हैं:

  • मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करना।
  • सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन करना।
  • रात में चंद्रमा को अर्घ्य देना।
  • खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखना और सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण करना।
  • व्रत रखना, सात्विक भोजन करना और रात में भजन-कीर्तन या जागरण करना।

शरद पूर्णिमा आस्था, पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जुड़ा पर्व है। चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने से लेकर मां लक्ष्मी की आराधना तक, इस दिन की परंपराएं आज भी लोगों के धार्मिक जीवन का अहम हिस्सा बनी हुई हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: 30 साल बाद दुर्लभ संयोग, Sharad Purnima 2026, अमृत वर्षा की मान्यता, चांदनी में खीर रखने की परंपरा, भगवान कृष्ण महारास, शरद पूर्णिमा 2026, शरद पूर्णिमा कब है, शरद पूर्णिमा का महत्व, शरद पूर्णिमा की खीर, शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा, शरद पूर्णिमा व्रत
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article घर चलाने के लिए गहने गिरवी रख रहे लोग, जानें गोल्ड लोन के फायदे और बड़ा जोखिम
Next Article इटली में फिर सुलगी हिंसा की आग! रोम से ट्यूरिन तक पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, मिलान में लूटपाट; आखिर क्यों सड़कों पर उतरे लोग?

फीचर

View More

सपने में चांद का दिखना सामान्य या किसी बड़े बदलाव का इशारा? जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र और आपकी किस्मत का कनेक्शन

क्या आपने कभी रात के सन्नाटे में नींद से जागने के बाद उस सपने के बारे में सोचा है, जिसमें…

By Shivani Kalani 5 Min Read

दिन में चुभती धूप, शाम होते ही कंपकंपी! आखिर गर्मियों में भी हिल स्टेशन पर सूरज ढलते ही क्यों बढ़ जाती है ठंड?

नई दिल्ली: गर्मियों में जब मैदानी शहर भीषण गर्मी से तप रहे…

5 Min Read

बिना शारीरिक संबंध बनाए पार्टनर दे रहा है धोखा! जानिए क्या है इमोशनल चीटिंग और इसके खतरनाक 5 रेड फ्लैग्स

'विश्वास' किसी भी रिश्ते की नींव होता है, लेकिन क्या हो जब…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsधर्म

डाकू रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि तक का सफर! 26 अक्टूबर को क्यों मनाई जाएगी जयंती, जानें बदलाव की यह रोचक कथा

नई दिल्ली: महर्षि वाल्मीकि जयंती सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। महर्षि वाल्मीकि को रामायण का रचयिता और संस्कृत…

7 Min Read
EntertainmentLatest News

6 महीने से रिलीज को तरस रही सलमान खान की ‘मातृभूमि’, दोबारा स्क्रीनिंग के बाद भी नहीं मिली हरी झंडी… आखिर कहां अटकी फिल्म?

नई दिल्ली: सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की रिलीज को लेकर सस्पेंस अब भी…

4 Min Read
Latest Newsराज्य

कल लॉन्च होगी Hyundai Bayon, 7 वेरिएंट में मिलेंगे अलग-अलग फीचर्स! टॉप मॉडल में ADAS और 360° कैमरा, जानें किसकी कीमत कितनी हो सकती है

नई दिल्ली: Hyundai भारतीय बाजार में अपनी नई SUV Hyundai Bayon को 26 अक्टूबर 2026 को लॉन्च करने की तैयारी…

8 Min Read
Latest Newsबाजार

होम लोन एक बार नहीं, कई बार कर सकते हैं ट्रांसफर! EMI घटाने से लाखों की बचत तक, जानिए कब बदलें बैंक

नई दिल्ली: होम लोन की ईएमआई कम करना चाहते हैं तो बैंक बदलना आपके लिए एक विकल्प हो सकता है।…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?