नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ-साथ हड्डियों, त्वचा, बालों और शरीर के टिश्यू की मरम्मत में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा हार्मोन और एंजाइम बनाने में भी प्रोटीन की जरूरत होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों, किशोरों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए प्रोटीन की जरूरत एक जैसी नहीं होती? उम्र, शरीर के वजन और शारीरिक गतिविधियों के आधार पर इसकी मात्रा बदल सकती है।
बच्चों को रोज कितना प्रोटीन चाहिए?
बचपन में शरीर का तेजी से विकास होता है। ऐसे में बच्चों की डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना जरूरी है। सामान्य तौर पर 1 से 3 साल के बच्चों को प्रतिदिन करीब 13 ग्राम, जबकि 4 से 8 साल के बच्चों को लगभग 19 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
बच्चों को प्रोटीन देने के लिए उनकी डाइट में दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोया और नट्स जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। इससे उन्हें विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
किशोरावस्था में क्यों बढ़ जाती है प्रोटीन की जरूरत?
किशोरावस्था में शरीर, हड्डियों और मांसपेशियों का तेजी से विकास होता है। इस दौरान प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेना जरूरी माना जाता है। सामान्य तौर पर 14 से 18 साल के लड़कों को रोजाना करीब 52 ग्राम और लड़कियों को लगभग 46 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
जो किशोर खेलकूद, दौड़ या नियमित एक्सरसाइज करते हैं, उनकी जरूरत शारीरिक गतिविधि के स्तर के अनुसार अधिक हो सकती है। इसलिए उनकी डाइट में प्रोटीन के साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
वयस्कों के लिए प्रोटीन का सही हिसाब क्या है?
वयस्कों में प्रोटीन की जरूरत का आकलन शरीर के वजन के आधार पर किया जा सकता है। सामान्य स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन प्रति किलोग्राम वजन पर करीब 0.8 ग्राम प्रोटीन एक प्रचलित मानक है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति का वजन 60 किलोग्राम है, तो उसे रोजाना लगभग 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। हालांकि, यह मात्रा हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। जिम करने वाले लोगों, एथलीट्स, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की जरूरत अलग हो सकती है।
बुजुर्गों को भी प्रोटीन की अनदेखी नहीं करनी चाहिए
बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों की ताकत और उनके द्रव्यमान में कमी आने का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में बुजुर्गों के लिए पर्याप्त प्रोटीन लेना खास तौर पर महत्वपूर्ण है। उनकी डाइट में दाल, चना, राजमा, सोया, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली और चिकन जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।
हालांकि, बुजुर्गों की प्रोटीन संबंधी जरूरत उनकी सेहत, शारीरिक गतिविधि और किडनी की कार्यक्षमता जैसी स्थितियों पर भी निर्भर करती है। इसलिए किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार ही डाइट तय करना बेहतर है।
प्रोटीन के लिए डाइट में शामिल करें ये आसान विकल्प
रोजमर्रा के खाने से भी प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। शाकाहारी लोग दाल, चना, राजमा, सोया, दूध, दही और पनीर को डाइट में शामिल कर सकते हैं। वहीं, अंडा, मछली और चिकन खाने वाले लोगों के लिए ये भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। नट्स और बीज भी संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।
ध्यान रखें कि केवल प्रोटीन की मात्रा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर की जरूरत के मुताबिक संतुलित आहार लेना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। किसी खास बीमारी, गर्भावस्था या विशेष फिटनेस लक्ष्य के लिए प्रोटीन की मात्रा तय करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।