भगवंत मान के पेरिस दौरे पर नया विवाद, दिल्ली एयरपोर्ट पर रोकने और जुर्माने का AAP ने लगाया आरोप
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पेरिस दौरे से लौटने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री को देर रात करीब तीन घंटे तक रोके रखा गया और बाद में उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को पंजाब सरकार के साथ केंद्र के कथित भेदभाव से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है।
हालांकि, एयरपोर्ट पर रोके जाने और जुर्माना लगाए जाने को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या केंद्र सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में मामले से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
पंजाब के उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहुंचाने गए थे भगवंत मान: AAP
AAP के पंजाब मीडिया इंचार्ज और महासचिव बलतेज पन्नू के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेरिस गए थे। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री विश्व के दूसरे सबसे बड़े फूड फेस्टिवल में पंजाब के उत्पादों को पेश करने पहुंचे थे।
बलतेज पन्नू ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य पंजाब के राजमा, छोले और दूसरे खाद्य उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश यात्रा से पहले मुख्यमंत्री के सामने बाधाएं खड़ी की गईं और पंजाब लौटने के बाद भी उन्हें परेशान किया गया।
AAP नेता ने यह भी दावा किया कि पेरिस में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अपेक्षित सम्मान और प्रोटोकॉल नहीं दिया। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद यात्रा में बाधा का आरोप
बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) देने से इनकार किया था। इसके बाद भगवंत मान ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी।
AAP के मुताबिक, मुख्यमंत्री को हाई कोर्ट के निर्देश के आधार पर विदेश जाने की अनुमति मिली थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब अदालत के आदेश के तहत यात्रा की गई, तो वापसी पर उन्हें एयरपोर्ट पर कथित तौर पर तीन घंटे तक क्यों रोका गया।
हालांकि, अदालत के आदेश की शर्तों, यात्रा से संबंधित अनुमति और जुर्माने के आधिकारिक आधार का विवरण सामने आने पर ही इस विवाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
50 हजार रुपये के जुर्माने पर AAP ने उठाए सवाल
AAP के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने दावा किया कि एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री को पहले उनके सामान की जांच और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर इंतजार कराया गया। उनके मुताबिक, करीब तीन घंटे बाद मुख्यमंत्री को जाने की अनुमति दी गई और फिर एक अधिकारी ने उन पर दबाव होने की बात कहते हुए चालान किए जाने की जानकारी दी।
पन्नू ने दावा किया कि इसके बाद मुख्यमंत्री पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया।
फिलहाल, जुर्माने की प्रकृति, उसे लगाने वाले विभाग और उसके आधिकारिक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
सौरभ भारद्वाज ने भी केंद्र सरकार को घेरा
दिल्ली में AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री को भारत लौटने पर एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक रोका गया।
भारद्वाज ने कहा कि भगवंत मान पंजाब के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने के लिए पेरिस गए थे। उन्होंने केंद्र सरकार के NOC संबंधी फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे अहंकार से जुड़ा मामला बताया।
AAP नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार पंजाब के हितों से जुड़े प्रयासों में बाधाएं पैदा कर रही है। पार्टी ने किसान आंदोलन और पंजाब के फंड को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा।
विदेश यात्रा से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदला
भगवंत मान के पेरिस दौरे को लेकर उठा विवाद अब केंद्र और पंजाब सरकार के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है। AAP इसे पंजाब के अधिकारों और राज्य के आर्थिक हितों से जोड़ रही है, जबकि मामले के दूसरे पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।
फिलहाल, तीन घंटे तक रोके जाने, 50 हजार रुपये के जुर्माने और विदेश में प्रोटोकॉल नहीं मिलने से जुड़े दावे AAP नेताओं के बयानों पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि के लिए संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष और उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।