रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब युद्ध रोकने के लिए पहले से ज्यादा उत्सुक हैं। हालांकि, समझौते की राह में अब भी कई अड़चनें बनी हुई हैं। ट्रंप के इस बयान ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। सवाल यह है कि क्या दोनों देशों के बीच शांति समझौते की राह खुलेगी या फिर मतभेद युद्ध को लंबा खींचेंगे?
32,000 मौतों का दर्द, ट्रंप बोले— ‘अब बहुत हुआ!‘
ओहायो में मिड-टर्म चुनाव प्रचार रैली के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से खुलकर बात की। युद्ध के मैदान में हो रहे भारी नुकसान पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस महीने उन्होंने (रूस-यूक्रेन) उस युद्ध में 32,000 लोग खो दिए।
यह पूरी तरह से बेतुका और अनावश्यक है। मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन मैं बस इतना जानता हूं कि जेलेंस्की और पुतिन को एक साथ आना ही होगा और इस बेतुके युद्ध को खत्म करना होगा।”*
“पुतिन समझौते के लिए जेलेंस्की से ज्यादा उत्सुक”
जब पत्रकारों ने वॉशिंगटन के प्रस्तावित ‘एनर्जी सीजफायर’ (ऊर्जा युद्धविराम) और दोनों देशों के रुख पर सवाल किया, तो ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया।
उन्होंने साफ कहा कि उन्हें लगता है कि व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की तुलना में युद्ध खत्म करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए ज्यादा उत्सुक नजर आ रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, दोनों ही नेता शांति चाहते हैं, लेकिन उन्हें इस नतीजे (समझौते) तक पहुंचने के लिए बाहरी मदद की सख्त जरूरत है।
‘मैंने कहा, इसलिए वो सहमत हुए‘— सीजफायर दावों पर ट्रंप की बेबाकी
जब एक रिपोर्टर ने ध्यान दिलाया कि मॉस्को और कीव (यूक्रेन) में से किसी ने भी सार्वजनिक रूप से इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, तो ट्रंप ने अपने जाने-पहचाने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि हां, वे सहमत हो गए! जानते हैं क्यों? क्योंकि मैंने कहा कि आप सहमत हों। इसलिए, वो सहमत हुए क्योंकि मैंने कहा कि वे सहमत हो गए हैं और अब इस मामले को सुलझाना ही होगा।”
सीजफायर उल्लंघन के आरोपों पर क्या बोले ट्रंप?
प्रस्तावित ‘एनर्जी सीजफायर’ के बावजूद कीव ने मॉस्को पर हमले जारी रखने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ दोनों पक्षों पर युद्धविराम के नियमों को तोड़ने के दावे किए जा रहे हैं। इन रिपोर्टों और आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि वे खुद इन रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने माना कि नियम सिर्फ एक तरफ से नहीं टूटे हैं—खैर, मुझे इस पर गौर करना होगा। हम इसकी जांच करेंगे क्योंकि उल्लंघन दोनों ही पक्षों की ओर से हुए हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया इस युद्ध के आर्थिक और मानवीय नुकसान झेल रही है। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप वाकई पुतिन और जेलेंस्की को एक टेबल पर लाकर इस 32,000 से ज्यादा जानें लेने वाले महीने के बाद शांति का रास्ता निकाल पाते हैं या नहीं।