लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या में आयोजित भागवत कथा में शामिल श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह अपनी जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।
अखिलेश यादव ने कहा, “जो बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतना ही आश्वस्त हैं, तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं।
सपा ने अयोध्या से पवन पांडेय को उतारा
उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और सपा-कांग्रेस के इंडिया गठबंधन के बीच माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी ने अयोध्या विधानसभा सीट से अपने पहले उम्मीदवार के तौर पर पवन पांडेय के नाम का ऐलान किया है। इसके बाद अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने को चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘राम और कृष्ण हमारे लिए अलग नहीं’
अयोध्या में अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने सत्ता, भेदभाव और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अहंकार, सत्ता, भेदभाव, जाति, ऊंच-नीच, छुआछूत का वंदन आज हमारे सामने है।”
उन्होंने कहा कि उनके लिए प्रभु श्री राम और भगवान श्री कृष्ण अलग नहीं हैं। अखिलेश यादव के मुताबिक, कथा मन और मनोबल को बढ़ाने का काम करती है।
‘सपा सरकार बनी तो महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये’
अखिलेश यादव ने चुनावी वादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर हर साल माता-बहनों को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा की सरकार बनने पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार किसी की दुकान या मकान को उजाड़ने का काम भी नहीं करेगी।
अयोध्या की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने का दावा
अखिलेश यादव ने अयोध्या के विकास को लेकर भी अपनी पार्टी की योजना बताई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या की पहचान मजबूत करने के लिए विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती ऐसे समय में आई है, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या क्यों अहम?
अयोध्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण स्थान रखती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यहां राम मंदिर का निर्माण हुआ है। इसके चलते अयोध्या का राजनीतिक और धार्मिक महत्व और बढ़ा है। भाजपा के लिए यह शहर हिंदुत्व की राजनीति से भी जुड़ा प्रमुख केंद्र रहा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी पिछले कई महीनों से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाती रही है। ऐसे में चुनाव से पहले अयोध्या में अखिलेश यादव का यह बयान दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुकाबले को और चर्चा में ले आया है।