नई दिल्ली: नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता के तौर पर नहीं रही, बल्कि उनकी सादगी भी हमेशा चर्चा में रही। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद वह आलीशान बंगलों या महंगे फ्लैट में रहने के बजाय मुंबई के अंधेरी स्थित 750 वर्ग फीट के 1BHK फ्लैट में रहते थे। सफेद कुर्ता, गमछा और चप्पल उनका ऐसा पहनावा था, जिसमें वह अक्सर नजर आते थे।
नाना पाटेकर ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा इसी सादगी के साथ बिताया। उन्होंने यह फ्लैट कई साल पहले करीब 1.1 लाख रुपये में खरीदा था। इसके अलावा पुणे के खड़कवासला में उनका 27 एकड़ का फार्महाउस भी है, जहां वह खुद ट्रैक्टर चलाकर गेहूं और धान की खेती करते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेती से होने वाली कमाई वह मजदूरों में बांट देते थे।
नाना को आखिरी बार 4 अक्टूबर को गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में देखा गया था। वहां भी वह अपने उसी सादे अंदाज में सफेद कुर्ते और गमछे में नजर आए। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अमिताभ बच्चन से बातचीत के दौरान भी उन्होंने खुद को गांव वाला आदमी बताते हुए कहा था कि उन्हें पार्टियों में जाना पसंद नहीं है। उनकी गाड़ियों में महिंद्रा जीप और स्कॉर्पियो जैसी साधारण गाड़ियां शामिल थीं।
नाना पाटेकर की नेटवर्थ कितनी बताई जाती है?
नाना पाटेकर की कुल संपत्ति को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ 50 से 80 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। वहीं टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में GQ और द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के हवाले से उनकी संपत्ति करीब 80 करोड़ रुपये बताई गई है।
NDTV Profit और जागरण जोश की रिपोर्ट्स में भी उनकी संपत्ति का आंकड़ा 55 से 80 करोड़ रुपये के आसपास बताया गया है, जिसे करीब 7 से 10 मिलियन डॉलर के बराबर बताया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने करियर के आखिरी कुछ वर्षों में नाना एक फिल्म के लिए करीब 2 से 3 करोड़ रुपये फीस लेते थे।
1BHK से 27 एकड़ के फार्महाउस तक संपत्ति
मुंबई के अंधेरी में नाना पाटेकर का 750 वर्ग फीट का 1BHK फ्लैट था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इसे दशकों पहले करीब 1.1 लाख रुपये में खरीदा था। मौजूदा समय में इस घर की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जाती है। वह अपनी मां के साथ इसी घर में रहते थे।
पुणे के खड़कवासला में उनके पास 27 एकड़ का फार्महाउस भी है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, फार्महाउस में टेराकोटा फ्लोर और लकड़ी का इंटीरियर है। इसके अलावा गोवा में भी उनका एक घर था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। रायगढ़ के मुरुड में उनकी पुश्तैनी संपत्ति भी बताई जाती है।
करोड़ों की संपत्ति के बावजूद सादगी से रहे नाना
नाना पाटेकर का रहन-सहन उनकी संपत्ति के मुकाबले बिल्कुल अलग था। उन्होंने महंगे कपड़ों और लग्जरी जीवनशैली के बजाय साधारण जीवन को प्राथमिकता दी। सफेद कुर्ता, गमछा और चप्पल उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान बन गए थे।
उनकी सादगी का एक और पहलू किसानों से जुड़ा रहा। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर नाम फाउंडेशन शुरू किया था। MCA रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह फाउंडेशन 2 जनवरी 2021 को सेक्शन 8 कंपनी के तौर पर पंजीकृत हुआ था और इसकी अधिकृत पूंजी 1 लाख रुपये है। इस संस्था के जरिए सूखे से प्रभावित हजारों किसानों की मदद की गई।
डेढ़ करोड़ की कार नहीं खरीदी, किसानों को पैसे देने की बात कही
नाना पाटेकर से जुड़ा एक किस्सा अक्सर चर्चा में रहा है। बताया जाता है कि उन्होंने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कार खरीदने से इनकार कर दिया था। इसके बजाय उन्होंने कहा था कि इतने पैसे से किसानों के परिवारों को 15-15 हजार रुपये के चेक दिए जा सकते हैं।
यही सोच नाना पाटेकर की सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा रही। करोड़ों की संपत्ति और लंबे फिल्मी करियर के बावजूद उनका रहन-सहन हमेशा साधारण रहा और उनकी पहचान दिखावे से ज्यादा सादगी के लिए बनी।