नई दिल्ली: फ्रांस में स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए इसके लिए बड़े पैमाने पर अनियंत्रित प्रवासन को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने दावा किया कि फ्रांस में चल रहा आंदोलन सिर्फ स्कूलों की समस्याओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे इस्लाम से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है।
ट्रंप ने हिंसक प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर फ्रांस के हालात को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शन की वजह स्कूलों से जुड़ी समस्याएं नहीं हैं, बल्कि अनियंत्रित प्रवासन इसका प्रमुख कारण है। ट्रंप ने अपने दावे में यह भी कहा कि इस्लाम फ्रांस पर कब्जा करना चाहता है।
स्कूलों की बदहाली को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र, शिक्षक और अभिभावक
फ्रांस में मंगलवार को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और शिक्षा के लिए ज्यादा धन उपलब्ध कराना है। उनकी शिकायतों में शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में छात्रों की अधिक संख्या, जर्जर स्कूल इमारतें, खराब रखरखाव और जरूरी बुनियादी सुविधाओं का अभाव शामिल है।
दावे के मुताबिक, मंगलवार को फ्रांस में ढाई लाख से ज्यादा लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर हिंसा भी हुई, जिसके बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया।
सितंबर में शुरू हुआ था विरोध, अब देशभर में फैला
स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा यह विरोध सितंबर में राजधानी पेरिस के आसपास के अपेक्षाकृत कम आय वाले इलाकों से शुरू हुआ था। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर उठी आवाज धीरे-धीरे व्यापक आंदोलन में बदल गई और अब यह देश के कई हिस्सों तक पहुंच गया है।
आंदोलन के बढ़ने के साथ राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।