नई दिल्ली: लगातार काम और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच कई बार ऐसा लगता है कि कुछ दिन सब कुछ पीछे छोड़कर किसी शांत जगह पर पहुंचा जाए। ऐसी जगह, जहां समुद्र की लहरें हों, चारों तरफ हरियाली हो, वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका मिले और स्थानीय संस्कृति व खानपान का अलग अनुभव भी मिले। हिंद महासागर में बसा सेशेल्स ऐसा ही द्वीपसमूह है, जहां हर द्वीप का अपना अलग आकर्षण है। भारतीय पर्यटकों के लिए यहां वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा भी यात्रा को आसान बनाती है।
115 द्वीपों का खूबसूरत द्वीपसमूह है सेशेल्स
सेशेल्स हिंद महासागर में मौजूद 115 द्वीपों का समूह है। यहां साफ समुद्री पानी, खूबसूरत समुद्र तट और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है। भारतीय यात्रियों के लिए यहां प्रवेश की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत आसान है। मुंबई से सीधे सेशेल्स पहुंचने की सुविधा है, जबकि देश के अन्य हिस्सों से भी यहां के लिए संपर्क उपलब्ध है।
ठहरने के लिए यहां लग्जरी से लेकर सेमी-लग्जरी तक कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में पर्यटक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार ठहरने का विकल्प चुन सकते हैं।
दुर्लभ पेड़-पौधों से लेकर विशाल कछुओं तक
सेशेल्स पहुंचते ही प्रकृति का अलग रूप देखने को मिलता है। यहां दुर्लभ पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। प्रास्लिन द्वीप पर स्थित वैले डी माई यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यहां मौजूद पाम फॉरेस्ट इसकी खास पहचान है।
इसी जंगल में कोको डी मेर पाया जाता है, जिसका बीज दुनिया का सबसे बड़ा और भारी बीज बताया जाता है। यहां पाम की छह स्थानीय प्रजातियां भी मौजूद हैं। इसके अलावा दुर्लभ छिपकलियां, गिरगिट और छोटे मेंढक भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
सेशेल्स अपने विशालकाय कछुओं के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। ये कछुए करीब 100 से 150 साल तक जीवित रह सकते हैं। इनकी लंबाई करीब 4 फीट और वजन 250 किलो तक बताया गया है। शांत स्वभाव के ये कछुए पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।
माहे, प्रास्लिन और ला डिग… हर द्वीप का अलग अंदाज
सेशेल्स का मुख्य द्वीप माहे है और देश की ज्यादातर आबादी यहीं रहती है। यहां के समुद्र तटों के साथ स्थानीय संस्कृति और खानपान भी पर्यटकों को अलग अनुभव देते हैं।
प्रास्लिन सेशेल्स का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है। यह अपनी शांत आबोहवा और खूबसूरत समुद्री तटों के लिए जाना जाता है। यहां सुबह समुद्र के किनारे शांत वातावरण में बिताना यात्रा को यादगार बना सकता है।
ला डिग का अनुभव इन दोनों से अलग है। यहां कारों पर प्रतिबंध है। पर्यटक द्वीप को साइकिल, इलेक्ट्रिक बग्घी और गोल्फ कार्ट के जरिए घूम सकते हैं। शहरों की भीड़, वाहनों की आवाज और ट्रैफिक से दूर यह द्वीप समुद्री हवा और प्राकृतिक वातावरण का अलग अनुभव देता है।
अफ्रीका, एशिया और यूरोप की संस्कृति का मेल
सेशेल्स की संस्कृति पर अफ्रीका, एशिया और यूरोप का प्रभाव दिखाई देता है। स्थानीय संगीत और मसालेदार भोजन यहां की पहचान का हिस्सा हैं। भारतीय पर्यटकों के लिए शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन के विकल्प मिलते हैं।
समुद्री गतिविधियां भी यहां की यात्रा को रोमांचक बनाती हैं। स्कूबा डाइविंग और स्नॉर्कलिंग के जरिए पर्यटक समुद्री दुनिया को करीब से देखने का अनुभव ले सकते हैं।
सुकून के साथ रोमांच भी मिलेगा
सेशेल्स में एक तरफ शांत समुद्र तट और प्राकृतिक खूबसूरती है, तो दूसरी ओर समुद्री खेल और वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका भी मिलता है। परिवार या दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताने वालों के लिए यहां आराम, प्रकृति और रोमांच का अलग मेल देखने को मिलता है।
भारतीय पर्यटकों के लिए आसान प्रवेश प्रक्रिया, अलग-अलग तरह के ठहरने के विकल्प और कई द्वीपों के अलग-अलग अनुभव सेशेल्स को छुट्टियों के लिए आकर्षक विकल्प बनाते हैं।