मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 440 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। रियल्टी, ऑटो और फार्मा शेयरों में खरीदारी का जोर रहा। दूसरी ओर आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर के शेयरों पर दबाव नजर आया।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कॉर्पोरेट आय में मजबूती की उम्मीदों से घरेलू बाजार को सहारा मिला।
सेंसेक्स 440 अंक चढ़ा, निफ्टी भी हरे निशान में
सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 440 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,735 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी 47 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,393 पर कारोबार कर रहा था।
शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टर इंडेक्स में रहे। इनके अलावा निफ्टी फार्मा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी तेजी रही।
IT और PSU बैंक शेयरों में दिखा दबाव
बाजार की तेजी के बीच कुछ सेक्टर दबाव में भी रहे। निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी मीडिया शुरुआती कारोबार में लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचयूएल, एलएंडटी, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व और टाइटन बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
वहीं इन्फोसिस, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा में गिरावट रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप में कैसा रहा कारोबार?
लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में कारोबार मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 126 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62,064 पर था।
इसके विपरीत निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 10 अंक की मामूली बढ़त के साथ 19,886 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
कच्चे तेल की नरमी से बाजार को मिला सहारा
जानकारों के मुताबिक, दुनिया भर में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़े हुए हैं। मध्य पूर्व में टकराव के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी चिंता बनी हुई है। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आपूर्ति बढ़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए राहत देने वाली स्थिति मानी जा रही है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।
बॉन्ड यील्ड पर भी निवेशकों की नजर
अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड की यील्ड करीब 5 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। ऊंची बॉन्ड यील्ड इक्विटी बाजार के लिए दबाव का कारण बन सकती है।
हालांकि, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत आर्थिक वृद्धि और कॉर्पोरेट कमाई बेहतर रहने की उम्मीद के बीच वैश्विक इक्विटी बाजारों में मजबूती बनी हुई है। भारतीय बाजार में भी शुरुआती कारोबार में इसका असर दिखाई दिया।
एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख
सोमवार को एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर जगह तेजी रही। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जकार्ता में गिरावट रही।
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार हुआ था। डाउ जोन्स 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था, जबकि नैस्डैक में 0.39 प्रतिशत की तेजी रही।