नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स (BRICS 2026) शिखर सम्मेलन के भव्य गाला डिनर के मेन्यू को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। मेहमानों को परोसे गए पूरी तरह शाकाहारी और प्लांट-बेस्ड (Plant-Based) भोजन पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने केंद्र सरकार पर अपनी पसंद थोपने का आरोप लगाया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर ‘छोले भठूरे’ की तस्वीर साझा करते हुए एक अप्रत्यक्ष लेकिन तीखा तंज कसा है।
राहुल गांधी की पोस्ट से छिड़ी नई बहस
राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (X) पर छोले भठूरे की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा— “रिकॉर्ड के लिए: 80 फीसदी भारतीय मांसाहारी हैं। भारत का मांसाहारी खाना बेहद स्वादिष्ट होता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे मेरी बहन के बनाए छोले भठूरे।”
हालांकि राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में ब्रिक्स डिनर या किसी नेता का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन समय और विषय को देखते हुए इसे सीधे तौर पर ब्रिक्स के शाकाहारी मेन्यू से जोड़कर देखा जा रहा है।
ब्रिक्स डिनर में क्या था खास?
शनिवार शाम भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर में देश-विदेश के शीर्ष नेताओं और देश के विभिन्न मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। 100 से अधिक नामी शेफ (अंतरराष्ट्रीय शेफ सहित) द्वारा तैयार किए गए इस 100% शाकाहारी मेन्यू में प्रमुख व्यंजन शामिल थे:
- सुपरफूड्स व मिलेट्स: चुकंदर का रायता, रागी-बाजरा (मिलेट) पुलाव।
- पारंपरिक मिठाइयां: पुरानी दिल्ली की स्पेशल फ्रूट आइसक्रीम के साथ जलेबी और शहतूत की फिरनी।
कांग्रेस का सरकार पर हमला: “क्या भारत की विविधता से शर्म आती है?”
मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत एक समृद्ध और खानपान की विविध संस्कृतियों वाला देश है। दुनिया भर के लोग भारतीय नॉन-वेजिटेरियन व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
खेड़ा ने सवाल उठाया कि मोदी सरकार ने विदेशी मेहमानों के सामने भारत की इस खानपान संस्कृति को क्यों छिपाया और क्या सरकार को देश की विविधता से परहेज है? फिलहाल इस राजनीतिक बयानबाजी पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार है।