कोलकाता: मानसून आते ही पश्चिम बंगाल की प्राकृतिक खूबसूरती और निखर जाती है। बारिश की फुहार, चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ इस मौसम में सफर का अनुभव खास बना देते हैं। अगर आप भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से हटकर कुछ शांत और प्राकृतिक जगहों की तलाश में हैं, तो पश्चिम बंगाल की पांच ऑफबीट डेस्टिनेशन आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। यहां समुद्र तट, मैंग्रोव, जंगल, झील, बांध और पहाड़—प्रकृति के अलग-अलग रंग एक साथ देखने को मिलते हैं।
हेनरी आइलैंड में समुद्र, मैंग्रोव और लाल केकड़ों का नजारा
कोलकाता से करीब 135 किलोमीटर दूर हेनरी आइलैंड शांत समुद्री तट, लाल केकड़ों और मैंग्रोव जंगलों के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां का प्राकृतिक वातावरण और आकर्षक हो जाता है। शहर की व्यस्त जिंदगी से ब्रेक लेकर शांत माहौल में वीकेंड बिताने वालों के लिए यह जगह अच्छा विकल्प हो सकती है।
सोनाझुरी फॉरेस्ट में जंगल की हरियाली के बीच लोक संस्कृति का रंग
शांतिनिकेतन के पास मौजूद सोनाझुरी फॉरेस्ट बारिश के मौसम में हरियाली से भर उठता है। लाल मिट्टी के रास्तों पर घूमना यहां के सफर को खास बनाता है। शनिवार को लगने वाला स्थानीय हाट भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, जहां हस्तशिल्प, पारंपरिक कपड़े और स्थानीय सामान मिलते हैं। बाउल संगीत और आदिवासी लोकनृत्य इस जगह की यात्रा में सांस्कृतिक रंग जोड़ देते हैं।
मुकुटमणिपुर में बांध और नदियों के बीच बिताएं सुकून के पल
कोलकाता से लगभग 230 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुकुटमणिपुर कांगसाबती और कुमारी नदियों के संगम पर बसा खूबसूरत पर्यटन स्थल है। मानसून में कांगसाबती बांध का नजारा खास तौर पर मनमोहक हो जाता है। यहां पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकते हैं। हिरण पार्क और आसपास का शांत वातावरण इसे परिवार या दोस्तों के साथ घूमने के लिए भी आकर्षक बनाता है।
गढ़पंचकोट में इतिहास के साथ मिलेगी हरियाली
प्रकृति के साथ इतिहास में भी दिलचस्पी है तो गढ़पंचकोट को ट्रैवल लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। यहां प्राचीन किले के अवशेष और पुराने मंदिर मौजूद हैं। मानसून में आसपास के साल और पलाश के जंगलों की हरियाली इसकी खूबसूरती बढ़ा देती है। पास ही मौजूद पंचेत डैम और बरंती झील भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
लामाहट्टा में धुंध से ढके पहाड़ देंगे जन्नत जैसा एहसास
दार्जिलिंग जाने वाले रास्ते में स्थित लामाहट्टा बारिश के मौसम में बेहद खूबसूरत नजर आता है। चीड़ के जंगल, फूलों से सजा इको पार्क और धुंध में लिपटे पहाड़ यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। पर्यटक जौरे पोखरी तक छोटा ट्रेक भी कर सकते हैं। हालांकि मानसून के दौरान बादलों की वजह से कंचनजंघा का साफ नजारा हर बार नहीं मिल पाता, लेकिन सुहावना मौसम और पहाड़ी वातावरण सफर को यादगार बना देते हैं।
बारिश में इन जगहों का सफर क्यों है खास?
अगर इस मानसून में आप सामान्य पर्यटन स्थलों की भीड़ से दूर प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो पश्चिम बंगाल की ये पांच ऑफबीट जगहें अच्छा विकल्प हो सकती हैं। कहीं समुद्र और मैंग्रोव का सुकून मिलेगा, तो कहीं जंगल, झील, पहाड़ और स्थानीय संस्कृति का अनुभव होगा।