चेन्नई। दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन इसके बावजूद ईस्ट जोन ने खिताब अपने नाम कर लिया। छह से 10 सितंबर तक चेन्नई में खेले गए मुकाबले के बाद फैंस के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मैच का कोई स्पष्ट विजेता नहीं निकला, तो ईस्ट जोन को चैंपियन कैसे घोषित किया गया?
इसका जवाब टूर्नामेंट के फाइनल के नतीजे के नियम में छिपा है। ईस्ट जोन ने पहली पारी में साउथ जोन के मुकाबले बड़ी बढ़त हासिल की थी। इसी बढ़त के आधार पर उसे विजेता घोषित किया गया।
708 रन बनाकर ईस्ट जोन ने बनाई मजबूत नींव
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन की टीम ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम ने 708 रन बनाए।
इसके जवाब में साउथ जोन की पूरी टीम पहली पारी में 336 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बड़ी बढ़त मिली। यही बढ़त अंत में उसके लिए निर्णायक साबित हुई।
ड्रॉ होने पर पहली पारी की बढ़त क्यों बनी निर्णायक?
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के इस टूर्नामेंट के फाइनल में अगर मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है।
यानी फाइनल का फैसला आखिरी दिन मैच जीतने से नहीं, बल्कि पहली पारी के प्रदर्शन से हुआ।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाकर न सिर्फ बड़ा स्कोर खड़ा किया, बल्कि साउथ जोन को 336 रन पर रोककर निर्णायक बढ़त भी हासिल कर ली।
दूसरी पारी में भी ईस्ट जोन का दबदबा
पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद भी ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का आक्रामक प्रदर्शन जारी रहा।
दूसरी पारी में टीम ने 388/7 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस पारी में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कुनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन की शानदार पारी खेली।
उनके अलावा कप्तान ईशान किशन ने 80 रन, अनुकूल रॉय ने 64 और शिखर मोहन ने 52 रन बनाए।
साउथ जोन को दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला
फाइनल का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि साउथ जोन को दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने का अवसर नहीं मिला।
पहली पारी में साउथ जोन की ओर से कप्तान तिलक वर्मा 99 रन बनाकर टीम के शीर्ष स्कोरर रहे। वह शतक से महज एक रन दूर रह गए।
वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन टीम ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में 336 रन पर ही सिमट गई।
ईस्ट जोन ने मैच जीते बिना कैसे जीता खिताब?
पूरे समीकरण को आसान भाषा में समझें तो:
- ईस्ट जोन पहली पारी: 708 रन
- साउथ जोन पहली पारी: 336 रन
- ईस्ट जोन की पहली पारी बढ़त: 372 रन
- ईस्ट जोन दूसरी पारी: 388/7 घोषित
- साउथ जोन को दूसरी पारी खेलने का मौका नहीं मिला
- फाइनल का नतीजा: ड्रॉ
- चैंपियन: ईस्ट जोन, पहली पारी की बढ़त के आधार पर
यानी ईस्ट जोन को फाइनल में जीत के लिए साउथ जोन को दो बार आउट करना जरूरी नहीं था। पहली पारी में मिली बढ़त ही खिताब के लिए पर्याप्त साबित हुई।
फाइनल का असली हीरो बना पहली पारी का प्रदर्शन
दलीप ट्रॉफी के इस फाइनल से यह साफ हुआ कि लंबे फॉर्मेट के मुकाबले में पहली पारी कितनी निर्णायक हो सकती है।
ईस्ट जोन ने 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर साउथ जोन को 336 रन पर रोक दिया। यही अंतर मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना।
दूसरी पारी में ईस्ट जोन ने 388/7 पर पारी घोषित कर दी और साउथ जोन को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। मैच ड्रॉ रहने के बावजूद पहली पारी की बढ़त ने ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी 2026-27 का चैंपियन बना दिया।