डलास/वॉशिंगटन । अमेरिका में इस साल नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले रिपब्लिकन पार्टी ने बड़ा चुनावी दांव खेल दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ और ‘सीनेट’ दोनों में बहुमत हासिल करती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर (करीब 5 लाख रुपये) का नकद तोहफा दिया जाएगा।
ट्रंप ने इस योजना को ‘ट्रंप डिविडेंड’ (Trump Dividend) नाम दिया है। टेक्सास के डलास में अपनी पहली मिडटर्म इलेक्शन रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने देश की मजबूत अर्थव्यवस्था का हवाला दिया और कहा कि अमेरिकी नागरिकों को उनकी आर्थिक सफलता का सीधा फायदा मिलना चाहिए।
‘पैसा देश में ही खर्च करना होगा’ -ट्रंप की बड़ी शर्त
इस लुभावने चुनावी वादे के साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने एक सख्त शर्त भी जोड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस डिविडेंड का पैसा केवल अमेरिका के भीतर ही खर्च किया जा सकता है।
“हम नहीं चाहते कि लोग यह पैसा लेकर कनाडा, चीन या जर्मनी जाएं और वहां जाकर शॉपिंग करें। यह पैसा अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अमेरिका में ही घूमना चाहिए।”
— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
योजना को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार
ट्रंप के इस बड़े ऐलान के बावजूद योजना के क्रियान्वयन को लेकर कई अहम सवाल बने हुए हैं:
- पात्रता मानदंड missing: ट्रंप ने यह साफ नहीं किया है कि यह रकम पाने के लिए नागरिकों को किन विशिष्ट शर्तों या आय वर्ग के दायरे में आना होगा।
- वितरण प्रणाली अस्पष्ट: सरकार इस भारी-भरकम राशि को किस बैंकिंग या वित्तीय ढांचे के जरिए लोगों तक पहुंचाएगी, इस पर कोई रोडमैप जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मिडटर्म चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी ने यह बड़ा पत्ता फेंका है, जिससे अमेरिका के मध्यवर्ग और कामकाजी तबके को सीधे तौर पर साधने की कोशिश की गई है।