चंडीगढ़: पंजाब में फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन के साथ औद्योगिक विकास को गति देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस दिशा में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया है। चंडीगढ़ में CII के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में पराली प्रबंधन, स्वच्छ तकनीक, बागवानी, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और नए निवेश जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना है। इससे किसानों को व्यावहारिक समाधान देने के साथ पंजाब को स्वच्छ, हराभरा और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
संगरूर-बरनाला में पराली प्रबंधन पर जोर
भगवंत सिंह मान ने CII से मालवा क्षेत्र, खासकर संगरूर और बरनाला में फसली अवशेषों के निपटारे के प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया। इन इलाकों में धान की परमल किस्म की खेती होती है। मुख्यमंत्री ने पंजाब के अन्य हिस्सों में भी फसली अवशेषों के प्रबंधन के लिए प्रभावी पहल बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब टिकाऊ और प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार, उद्योग और दूसरे हितधारकों के साथ मिलकर किसानों को ऐसे समाधान उपलब्ध कराने की जरूरत है, जो व्यावहारिक होने के साथ किफायती और प्रभावी भी हों।
नए निवेश और युवाओं के रोजगार पर भी मंथन
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर बताया कि CII उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन के साथ पंजाब के औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने और कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बागवानी में तकनीक और विशेषज्ञता बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने CII एग्रो टेक इंडिया 2026 के दौरान वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर के भारत दौरे को सुचारू बनाने के लिए CII को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों में ज्ञान और विशेषज्ञता साझा करने से पंजाब को ऐसे दौरों का फायदा मिलेगा।
लुधियाना में मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव
बैठक में लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MSTI) को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसके लिए CII को पूरा सहयोग देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देना पंजाब के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।
जालंधर में तकनीकी टेक्सटाइल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मुख्यमंत्री ने CII से जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के साथ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल’ स्थापित करने की संभावनाओं पर काम करने को कहा। इसके अलावा रक्षा विनिर्माण उद्योगों के लिए विशेष कौशल केंद्र स्थापित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसे केंद्र प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के साथ प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को और गति देने में मदद कर सकते हैं।
औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढांचे पर भी जोर
भगवंत सिंह मान ने प्रमुख केंद्रों पर औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि कारोबार करना आसान बनाने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए आधुनिक और सुनियोजित बुनियादी ढांचा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार औद्योगिक क्षेत्रों को भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के साथ उद्योगों की गतिविधियों में बाधा डालने वाली महत्वपूर्ण बुनियादी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे लागत कम करने और प्रदेश में निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
सरकार और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर फोकस
बैठक में कृषि, फसली अवशेष प्रबंधन, बागवानी, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार और उद्योग के सहयोग को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। बैठक का साझा उद्देश्य टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना और पंजाब के युवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार करना रहा।