गोरखपुर: पीपीगंज रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रेन से अचानक 500-500 रुपये के नोट हवा में उड़ते हुए नीचे गिरने लगे। जमीन पर नोट बिखरते देख स्टेशन पर मौजूद लोग उन्हें बटोरने के लिए रेललाइन और आसपास के इलाकों में दौड़ पड़े। देखते ही देखते रुपये उठाने की होड़ लग गई और जिसे जहां जितने नोट मिले, वह लेकर वहां से चलता बना।
मामला गोरखपुर से पनवेल मुंबई जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन से जुड़ा बताया जा रहा है। यह ट्रेन पीपीगंज स्टेशन पर रुकती नहीं है। गुरुवार सुबह करीब छह बजे ट्रेन स्टेशन से गुजर रही थी। इसी दौरान चलती ट्रेन से रुपये से भरा एक पैकेट नीचे गिरने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि रुपये पॉलीथिन में रखे गए थे। जमीन पर गिरते ही पॉलीथिन खुल गई और उसमें रखे 500-500 रुपये के नोट हवा में उड़ने लगे।
परिचित को रुपये देने के लिए चलती ट्रेन से फेंका था पैकेट
स्टेशन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, किसी यात्री ने अपने परिचित को रुपये देने के लिए उन्हें पॉलीथिन में बांधकर पैकेट तैयार किया था। कथित तौर पर चलती ट्रेन से यह पैकेट नीचे फेंकने की कोशिश की गई, लेकिन इसी दौरान पॉलीथिन खुल गई और नोट हवा में बिखर गए।
नोटों को इस तरह हवा में उड़ते देखकर स्टेशन पर मौजूद लोगों को कुछ देर तक यकीन ही नहीं हुआ कि उनके सामने क्या हो रहा है। इसके बाद लोग रुपये बटोरने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे। हालांकि रुपये किसके थे, कुल कितनी रकम थी और जिस व्यक्ति को ये रुपये दिए जाने थे, वह स्टेशन पर मौजूद था या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
रेलवे और पुलिस की ओर से भी इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए बिखरे नोटों की कुल रकम और उसके वास्तविक मालिक को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ट्रेन में महिला ने बच्चे को दिया जन्म, रेलवे ने कराया अस्पताल में भर्ती
इसी बीच गोरखपुर रेलखंड से जुड़ी एक दूसरी घटना में बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला ने ट्रेन के भीतर बच्चे को जन्म दिया। दिल्ली से छपरा जा रही ट्रेन में गुरुवार आधी रात के बाद महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। यात्रियों ने उसकी मदद की और कुछ देर बाद ट्रेन के अंदर ही बच्चे का जन्म हो गया।
छपरा की रहने वाली किरन अपने पति दशरथ यादव के साथ नई दिल्ली से लौट रही थीं। गोरखपुर के आसपास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने उनकी मदद की और बाद में रेलवे को इसकी सूचना दी।
चौरीचौरा स्टेशन पर रुकवाई गई ट्रेन
रेलवे नियंत्रण कक्ष को सूचना मिलने के बाद ट्रेन को चौरीचौरा स्टेशन पर रोका गया। गुरुवार मध्यरात्रि के बाद भोर करीब 2:45 बजे ट्रेन वहां पहुंची। रेलवे की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई। प्वाइंट मैन हर्ष कुमार की मदद से महिला और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा भेजा गया।
स्टेशन मास्टर पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि नियंत्रण कक्ष से प्रसव की सूचना मिलते ही ट्रेन को चौरीचौरा में रोकने की व्यवस्था की गई और एंबुलेंस के जरिए महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। परिवार ने रेलवे की तत्परता के लिए आभार जताया।