काठमांडू। नेपाल में बाढ़ और फ्लैश फ्लड से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। भीषण प्राकृतिक आपदा में 469 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। इस बीच 178 भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच अब एक और संभावित आपदा का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक नई झील बनने के बाद चीन ने संभावित बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है।
178 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों में 178 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की बताई जा रही है जो पर्यटन और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और आसपास के हिमालयी क्षेत्रों में पहुंचे थे।
इस आपदा में कुछ भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की भी जानकारी है। हालांकि, दुर्गम इलाकों में संपर्क टूटने और खराब मौसम के कारण लापता लोगों की तलाश में बचाव टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ ने तबाह किए सड़क और पुल
भीषण बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में सड़क, पुल और दूसरे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी भी बाढ़ की चपेट में आकर बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कई इलाकों में संपर्क टूटने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों तक बचाव दल को पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
नई झील से बढ़ा फ्लैश फ्लड का खतरा
मौजूदा संकट के बीच नेपाल-तिब्बत सीमा पर एक नई बैरियर झील बनने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, झील में लाखों घन मीटर पानी जमा हो चुका है और लगातार पानी आने के कारण इसका जलस्तर बढ़ रहा है।
अगर झील का प्राकृतिक बांध कमजोर होकर टूटता है, तो अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह सकता है। इससे नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में एक और फ्लैश फ्लड आने का खतरा पैदा हो सकता है।
चीन ने जारी किया अलर्ट
संभावित खतरे को देखते हुए चीन ने निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की नजर झील के जलस्तर और उसके प्राकृतिक बांध की स्थिति पर बनी हुई है।
नेपाल में पहले से जारी राहत और बचाव अभियान के बीच नई बाढ़ की आशंका ने प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ा दी है। खराब मौसम, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त सड़कें रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावित कर रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और नई संभावित बाढ़ से पहले संवेदनशील इलाकों को सुरक्षित करना है।
नेपाल में जारी यह संकट अब सिर्फ मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं रह गया है। नई झील और संभावित फ्लैश फ्लड के खतरे के कारण आने वाले घंटे राहत और बचाव अभियान के लिए बेहद अहम हैं।