नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत तथा योग गुरु बाबा रामदेव के बीच कुछ दिन पहले शुरू हुआ सार्वजनिक विवाद अब नरम पड़ता नजर आ रहा है। रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच रिश्तों में आई गर्माहट ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर इस मामले को चर्चा में ला दिया है।
दरअसल, कुछ समय पहले Gen-Z को लेकर कंगना रनौत के बयान पर बाबा रामदेव ने प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद कंगना ने भी रामदेव के बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पलटवार किया था। दोनों के बयानों के बाद सोशल मीडिया पर यह विवाद काफी चर्चा में रहा।
रक्षाबंधन पर रामदेव ने भेजी मिठाई और शगुन
विवाद के कुछ दिनों बाद रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव की ओर से कंगना रनौत के लिए मिठाई और शगुन भेजा गया। रामदेव ने कंगना को बहन बताते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
रामदेव की इस पहल के बाद कंगना की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने बाबा रामदेव को ‘बड़े भाई’ बताते हुए उनके स्नेह के लिए आभार जताया।
कंगना ने पुराने विवाद को पीछे छोड़ने का दिया संदेश
कंगना ने रक्षाबंधन के मौके पर कहा कि त्योहार लोगों को पुरानी नाराजगी और मतभेद भुलाकर रिश्तों में नई मिठास लाने का अवसर देते हैं।
इस प्रतिक्रिया के बाद माना जा रहा है कि दोनों के बीच हाल में हुई बयानबाजी अब पीछे छूटती दिखाई दे रही है। हालांकि, दोनों के बीच हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Gen-Z के बयान से शुरू हुआ था विवाद
कंगना और रामदेव के बीच विवाद की शुरुआत Gen-Z को लेकर हुई बयानबाजी से हुई थी। रामदेव ने कंगना की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद कंगना ने भी सार्वजनिक रूप से जवाब दिया था।
कुछ ही समय में यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, रक्षाबंधन पर दोनों की ओर से सामने आए सकारात्मक संदेशों ने विवाद को एक अलग मोड़ दे दिया है।
क्या खत्म हो गया विवाद?
फिलहाल कंगना और रामदेव दोनों की ओर से आए संदेशों से यही संकेत मिलता है कि पुरानी तल्खी को पीछे छोड़कर रिश्ते सामान्य करने की कोशिश की गई है।
अब सवाल यह है कि क्या रक्षाबंधन का यह मेल-मिलाप दोनों के बीच विवाद को पूरी तरह खत्म कर देगा या आने वाले दिनों में फिर कोई बयान इस मामले को चर्चा में ला सकता है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही तीखी बयानबाजी की जगह ‘बड़े भाई और बहन’ के रिश्ते ने ले ली है और रक्षाबंधन इस विवाद के लिए एक सकारात्मक मोड़ बनता नजर आ रहा है।