अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने तुर्की की क्षेत्रीय भूमिका का विरोध करने वाले पक्षों के दबाव को खारिज करते हुए कहा कि अंकारा अपने पड़ोसी देशों की स्थिरता और पुनर्निर्माण के लिए प्रयास जारी रखेगा।
एर्दोगन ने कहा कि तुर्की सिर्फ इसलिए अपने प्रयासों को नहीं छोड़ेगा क्योंकि कुछ ऐसे “आपराधिक नेटवर्क” इनका विरोध कर रहे हैं, जिनके हाथ निर्दोष लोगों के खून से रंगे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तुर्की की विदेश नीति का निर्धारण तुर्की की जनता करती है और किसी बाहरी ताकत को अंकारा की राजनीतिक दिशा तय करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि “जनता के अलावा किसी और को देश की दिशा तय करने या उसकी विदेश नीति के विकल्पों पर सीमाएं लगाने का अधिकार नहीं है।”
राष्ट्रीय हितों के आधार पर जारी रहेगी विदेश नीति
एर्दोगन ने कहा कि तुर्की अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करता रहेगा। उन्होंने बाहरी ताकतों द्वारा तुर्की के राजनीतिक फैसलों को प्रभावित करने की कोशिशों को भी खारिज किया।
तुर्की के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब सीरिया में अंकारा की भूमिका और क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर इजरायल के साथ तनाव बढ़ रहा है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने हाल ही में एर्दोगन पर “इजरायल के खिलाफ और सीरिया में भी अपनी आक्रामकता फैलाने” की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इजरायल ने चेतावनी दी है कि वह ऐसे घटनाक्रम को स्वीकार नहीं करेगा।
नेतन्याहू के कार्यालय ने यह दावा भी किया कि सीरिया के इदलिब में अबू अल-दुहूर एयरबेस पर तुर्की का नियंत्रण होने से तुर्की की सेनाएं इजरायल से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर पहुंच सकती हैं।
सीरिया को लेकर तुर्की और इजरायल आमने-सामने
इजरायली पक्ष पहले भी दावा कर चुका है कि सीरिया सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर अलेप्पो के पास स्थित एक एयरबेस पर तुर्की की सेना को तैनात करने की तैयारी कर रहा है। इजरायल का कहना है कि उसने सीरिया को ऐसी किसी तैनाती से उसकी सुरक्षा को खतरा होने की चेतावनी दी थी, लेकिन दमिश्क ने इसे नजरअंदाज किया।
तुर्की ने इन दावों को खारिज किया है। अंकारा का कहना है कि इजरायल की ओर से इस तरह के बयान सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को निशाना बनाने वाले उसके हवाई हमलों को सही ठहराने की कोशिश हैं।
सीरिया में इजरायली सैन्य अभियान जारी रहने के बीच तुर्की लगातार सीरियाई संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दे को उठा रहा है। वहीं, अंकारा के सीरिया में रणनीतिक और सुरक्षा हित जुड़े हुए हैं।
अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली हमले से बढ़ा तनाव
यह विवाद पिछले मंगलवार को हुए इजरायली हमलों के बाद और गहरा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली बलों ने पूर्वी इदलिब के ग्रामीण इलाके में स्थित अबू अल-दुहूर सैन्य हवाई अड्डे के रनवे को निशाना बनाते हुए आठ हवाई हमले किए।
इन हमलों के लिए कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया जानकारी के साथ समन्वय किए जाने की बात भी सामने आई है।
तुर्की के लिए सीरिया में इस तरह के सैन्य अभियान चिंता का विषय हैं, क्योंकि अंकारा अपनी दक्षिणी सीमा से जुड़े सुरक्षा हितों के साथ-साथ सीरिया में अपने प्रभाव को भी बनाए रखना चाहता है।
कुल मिलाकर, एर्दोगन का ताजा बयान संकेत देता है कि तुर्की सीरिया और व्यापक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका को लेकर इजरायल या किसी अन्य बाहरी दबाव के आगे पीछे हटने के मूड में नहीं है।