नई दिल्ली। रूस और भारत के बीच कूटनीतिक रिश्तों को लेकर सोमवार को मॉस्को से बड़ी खबर सामने आई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ रहा है। जयशंकर 23-24 अगस्त को रूस के दौरे पर हैं और भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन की बैठक में भी हिस्सा ले रहे हैं।
पुतिन को मोदी का निजी संदेश सौंपा
राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के दौरान एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके लिए एक निजी संदेश दिया है, जिसे वह रूसी राष्ट्रपति तक पहुंचाना चाहते हैं।
जयशंकर ने भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन की बैठक का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के बीच हुई चर्चा के बाद भारत के पास रूस के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है।
दिल्ली में पुतिन के स्वागत की तैयारी
जयशंकर ने पुतिन को भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली रूसी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए तैयार है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत में अगले महीने BRICS शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है और उससे पहले नई दिल्ली और मॉस्को के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पुतिन ने भी मोदी से मुलाकात की जताई इच्छा
बैठक के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने आगामी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से आमने-सामने मुलाकात की इच्छा जताई।
रिपोर्टों के मुताबिक, मोदी और पुतिन की मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन के दौरान होने की संभावना है। इसके बाद पुतिन के भारत आने और BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पर भी नजरें टिकी हैं।
अमेरिका के दबाव के बीच भारत-रूस की दोस्ती का संदेश
जयशंकर और पुतिन की मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की ओर से भारत पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद भारत ने रूस के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को लेकर स्वतंत्र कूटनीतिक रुख बनाए रखा है।
भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, विज्ञान और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग रहा है। विदेश मंत्रालय भी दोनों देशों के संबंधों को लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी के तौर पर रेखांकित करता रहा है।
पुतिन ने व्यापार बढ़ने का श्रेय मोदी को दिया
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापार का जिक्र करते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि जयशंकर की मौजूदा यात्रा दोनों देशों के दशकों पुराने संबंधों की मजबूती को दर्शाती है।
मॉस्को में हुई यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों के लिए ऐसे समय में अहम मानी जा रही है, जब नई दिल्ली एक साथ अमेरिका के साथ अपने रिश्तों और रूस के साथ पारंपरिक रणनीतिक साझेदारी के बीच संतुलन बनाए हुए है।
BRICS और SCO पर टिकी नजर
जयशंकर-पुतिन मुलाकात के बाद अब निगाहें दो महत्वपूर्ण बैठकों पर हैं—पहली, आगामी SCO शिखर सम्मेलन, जहां मोदी और पुतिन की मुलाकात हो सकती है और दूसरी, नई दिल्ली में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन, जिसमें पुतिन के शामिल होने की उम्मीद है।
ऐसे में मॉस्को में हुई जयशंकर-पुतिन की मुलाकात को भारत-रूस रिश्तों के साथ-साथ आने वाले महीनों की बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।