तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने का ऐलान किया है। सरकार अब चेन्नई के लिए नए एयरपोर्ट की वैकल्पिक जगह तलाशेगी। इस फैसले के बाद सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी DMK के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।
परंदूर एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला
तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि परंदूर में एयरपोर्ट बनाने के लिए अब तक उठाए गए कदमों को उनकी सरकार वापस लेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चेन्नई को भविष्य में एक नए एयरपोर्ट की जरूरत जरूर है, लेकिन इसके लिए ऐसी जगह चुनी जानी चाहिए जहां कृषि भूमि, आवासीय इलाकों और लोगों की आजीविका पर कम से कम असर पड़े।
मौजूदा चेन्नई एयरपोर्ट की क्षमता पर क्या बोले विजय?
विधानसभा में विजय ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा संचालित चेन्नई के मीनमबक्कम एयरपोर्ट की मौजूदा क्षमता करीब 3 करोड़ यात्रियों सालाना की है।
उन्होंने कहा कि चेन्नई के बढ़ते शहरी विस्तार, औद्योगिक विकास और कार्गो ट्रांसपोर्ट की जरूरतों को देखते हुए भविष्य के लिए नए एयरपोर्ट की आवश्यकता है। हालांकि, नए एयरपोर्ट की लोकेशन ऐसी होनी चाहिए जिससे स्थानीय आबादी और किसानों पर कम से कम असर पड़े।
किसानों के समर्थन में उतरे CM विजय
मुख्यमंत्री ने परंदूर और आसपास के गांवों में एयरपोर्ट परियोजना का विरोध कर रहे लोगों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी 2025 को उन्होंने एकानापुरम और आसपास के गांवों का दौरा किया था और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी थीं।
विजय ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और कृषि भूमि बचाने के लिए आंदोलन कर रहे लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में विक्रवांडी की एक जनसभा के दौरान भी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना का विरोध किया था।
सरकार अब तलाशेगी एयरपोर्ट के लिए नई जगह
विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चेन्नई के नए एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक स्थानों की पहचान की जाए। नई जगह चुनते समय इस बात का ध्यान रखने को कहा गया है कि कृषि भूमि का कम से कम अधिग्रहण हो और स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद अब चेन्नई के लिए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की लोकेशन बदलने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
DMK ने फैसले पर उठाए सवाल
विजय सरकार के फैसले पर पूर्व मंत्री और DMK नेता थंगम थेन्नारासु ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चेन्नई के आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार के लिए नया एयरपोर्ट बेहद जरूरी है।
उनके मुताबिक, चेन्नई एयरपोर्ट कभी देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल था, लेकिन यात्रियों की संख्या और बढ़ती जरूरतों के कारण भविष्य के लिए नई क्षमता तैयार करना जरूरी है।
थेन्नारासु ने दावा किया कि श्रीपेरंबदूर के औद्योगिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए परंदूर को नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए चुना गया था।
DMK का दावा- कई जगहों का अध्ययन कर चुनी गई थी जगह
DMK नेता ने कहा कि परंदूर को एयरपोर्ट की जगह बनाने से पहले चेन्नई की तकनीकी व्यवहार्यता और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई संभावित स्थानों का अध्ययन किया गया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि परियोजना के लिए केंद्र सरकार से जरूरी मंजूरियां हासिल की गई थीं। ऐसे में उनका कहना है कि परियोजना को रद्द करने का फैसला तमिलनाडु के दीर्घकालिक आर्थिक हितों पर असर डाल सकता है।
एयरपोर्ट प्रोजेक्ट बना नई सियासी जंग का मुद्दा
परंदूर एयरपोर्ट को रद्द करने के फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री विजय इसे किसानों, कृषि भूमि और स्थानीय लोगों की आजीविका की रक्षा से जोड़ रहे हैं, वहीं DMK इसे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए जरूरी परियोजना बता रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि सरकार चेन्नई के नए एयरपोर्ट के लिए कौन सी वैकल्पिक जगह चुनती है और क्या नई लोकेशन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ेगा।
परंदूर परियोजना पर सरकार का फैसला फिलहाल तमिलनाडु की विकास नीति और पर्यावरण बनाम इंफ्रास्ट्रक्चर की बहस का नया केंद्र बन गया है।