कर्नाटक के मांड्या जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके घर की तलाशी में प्लास्टिक की बोरियों में भरे हजारों नोट मिले। महिला लंबे समय से भीख मांगकर अपना गुजारा करती थी। शुरुआती गिनती में करीब 8 से 9 लाख रुपये की नकदी सामने आई है, जबकि कई और बोरियों में रखे पैसों की गिनती अभी बाकी है।
मांड्या में बुजुर्ग भिखारी महिला की मौत के बाद मिला कैश
मामला मांड्या जिले के गुथालू इलाके का बताया जा रहा है। यहां हूर उन्निसा नाम की बुजुर्ग महिला अपनी बहन के साथ किराए के मकान में रहती थीं। दोनों बहनों ने शादी नहीं की थी। करीब दो साल पहले बहन की मौत के बाद हूर उन्निसा घर में अकेली रह रही थीं और भीख मांगकर अपना जीवन गुजार रही थीं।
बताया जा रहा है कि उम्र संबंधी बीमारी के चलते हाल ही में हूर उन्निसा की मौत हो गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जब उनके घर की तलाशी ली तो वहां प्लास्टिक की बोरियों में रखे बड़ी संख्या में नोट देखकर हर कोई हैरान रह गया।
30 से ज्यादा बोरियों में रखे थे नोट
स्थानीय लोगों को घर से 30 से ज्यादा बोरियां मिलीं, जिनमें 10, 20 और 50 रुपये के नोट बड़ी संख्या में रखे हुए थे। इसके बाद नकदी की गिनती शुरू की गई। कई घंटों तक चली गिनती में करीब 8-9 लाख रुपये की रकम सामने आई।
हालांकि, अभी पूरी नकदी की गिनती नहीं हो सकी है। करीब 20 और बोरियों में रखे पैसों की गिनती बाकी बताई जा रही है। ऐसे में कुल रकम कितनी है, इसका सही आंकड़ा गिनती पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मस्जिद की कस्टडी में रखी गई नकदी
घर से बरामद रकम को फिलहाल गुथालू इलाके की एक मस्जिद की कस्टडी में रखा गया है। स्थानीय समुदाय के लोगों ने हूर उन्निसा के रिश्तेदारों को मामले की जानकारी दे दी है।
रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद बाकी बोरियों में रखी नकदी की गिनती की जाएगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि बरामद रकम पर कानूनी तौर पर किसका अधिकार है और इसे किसे सौंपा जाना है।
भीख मांगकर जुटाई इतनी बड़ी रकम ने खड़े किए सवाल
हूर उन्निसा की मौत के बाद घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर ने स्थानीय लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सालों तक भीख मांगकर गुजारा करने वाली महिला ने इतनी बड़ी रकम कैसे जमा की और उसे घर में बोरियों के अंदर क्यों रखा?
फिलहाल पूरी रकम की गिनती और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।