Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: फाइबर से भरपूर डाइट आंतों की सेहत के लिए क्यों जरूरी? थाली में शामिल करें ये फल, सब्जियां और साबुत अनाज
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > सेहत > फाइबर से भरपूर डाइट आंतों की सेहत के लिए क्यों जरूरी? थाली में शामिल करें ये फल, सब्जियां और साबुत अनाज
सेहत

फाइबर से भरपूर डाइट आंतों की सेहत के लिए क्यों जरूरी? थाली में शामिल करें ये फल, सब्जियां और साबुत अनाज

news desk
Last updated: August 23, 2026 5:47 pm
news desk
Share
SHARE

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खान-पान का हमारी सेहत पर सीधा असर पड़ता है। संतुलित आहार में फल, सब्जियां, दालें, बीन्स और साबुत अनाज को शामिल करना शरीर को जरूरी पोषक तत्व और फाइबर उपलब्ध कराने में मदद करता है। खासतौर पर फाइबर पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

कोलोरेक्टल कैंसर यानी बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के जोखिम को लेकर डाइट पर कई शोध हुए हैं। कुछ अध्ययनों में अधिक फाइबर और साबुत अनाज के सेवन को कम जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि, केवल फल और सब्जियां खाने को कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं माना जा सकता।

फाइबर से भरपूर डाइट क्यों है जरूरी?

फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है और संतुलित आहार का अहम हिस्सा है।

World Cancer Research Fund के अनुसार, भोजन से रोजाना कम से कम 30 ग्राम फाइबर लेने और साबुत अनाज, बिना ज्यादा स्टार्च वाली सब्जियों, फलों तथा दालों को नियमित भोजन का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है। संस्था के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों में साबुत अनाज और फाइबर का अधिक सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है।

थाली में शामिल करें ये चीजें

डाइट में अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। सेब, बेरीज, संतरा और अमरूद जैसे फल, साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, पत्तागोभी और मटर अच्छे विकल्प हो सकते हैं।

इसके अलावा दालें, बीन्स और साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं से बने खाद्य पदार्थ भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी स्वस्थ आहार में फल, सब्जियां, दालें, मेवे और साबुत अनाज को शामिल करने की सलाह देता है।

सिर्फ फल-सब्जियां ही काफी नहीं

कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए सिर्फ खान-पान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और धूम्रपान से बचना भी महत्वपूर्ण है। शराब का सेवन भी कैंसर के जोखिम से जुड़ा है और इसे सीमित करना कैंसर-रोकथाम संबंधी सिफारिशों का हिस्सा है।

अगर परिवार में कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास रहा है या अन्य जोखिम कारक मौजूद हैं, तो डॉक्टर से बात करके उचित स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।

रोज कितनी मात्रा में फल और सब्जियां खाएं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को रोजाना कम से कम 400 ग्राम या लगभग पांच सर्विंग फल और सब्जियां खाने का लक्ष्य रखना चाहिए। यह सामान्य स्वस्थ आहार संबंधी सिफारिश है, इसे कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

इसके साथ ही WHO की 2023 की सिफारिशों में वयस्कों के लिए प्राकृतिक स्रोतों से रोजाना कम से कम 25 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी गई है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर लगातार पेट से जुड़ी समस्या बनी रहती है, मल में खून आता है, बिना वजह वजन कम हो रहा है या आंतों की आदतों में अचानक बदलाव आया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसे लक्षण कई अलग-अलग कारणों से हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज से भरपूर संतुलित डाइट आंतों की सेहत और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। फाइबर और साबुत अनाज का पर्याप्त सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है, लेकिन कैंसर से बचाव के लिए केवल डाइट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। स्वस्थ वजन, शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान से दूरी और शराब का सीमित सेवन भी महत्वपूर्ण हैं।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी की रोकथाम, जांच या इलाज के लिए अपने डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: आंतों की सेहत, खान-पान, दालें, पाचन तंत्र, पोषण, फल, फाइबर, फाइबर युक्त आहार, बीन्स, संतुलित आहार, सब्जियां, साबुत अनाज, स्वस्थ जीवनशैली, स्वास्थ्य, हेल्थ न्यूज
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article IND vs SL: ऋषभ पंत की कलाई पर लगी चोट, दर्द के बाद हुए रिटायर्ड हर्ट; कोलंबो टेस्ट में बढ़ी टीम इंडिया की चिंता

फीचर

View More

साइकिल से रॉकेट ढोने वाला भारत चांद-मंगल तक कैसे पहुंचा? स्पेस डे पर जानिए ISRO की 10 ऐसी कामयाबियां, जिन पर हर भारतीय को होगा गर्व

नई दिल्ली: भारत आज अपना तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। जिस देश ने कभी रॉकेट के हिस्सों को…

By vineet verma 6 Min Read

सिर्फ OTP नहीं, अब पूरा फोन निशाने पर! फर्जी बैंक साइट से ‘Android God Mode’ तक, 3 घंटे वाले साइबर फ्रॉड के नए खेल को ऐसे समझें

नई दिल्ली: साइबर ठगी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब…

9 Min Read

NASA का Swift Telescope अब नहीं बचेगा? रेस्क्यू मिशन फेल, साल के अंत तक धरती पर गिरने का खतरा

नई दिल्ली। नासा के Swift Observatory Telescope को बचाने की कोशिशों को…

4 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest NewsTrending Newsसेहत

बार-बार सिरदर्द को न करें नजरअंदाज! कहीं लो BP तो नहीं दे रहा किसी बड़े खतरे का संकेत?

नई दिल्ली: सिरदर्द एक आम समस्या है और कई बार लोग इसे थकान, तनाव या नींद पूरी न होने से…

2 Min Read
Latest Newsसेहत

बारिश में हर बुखार वायरल नहीं! ऐसे पहचानें डेंगू, मलेरिया या वायरल फीवर, डॉक्टर ने बताया कब कराएं जांच

गुरुग्राम: मानसून के मौसम में बुखार, सर्दी-जुकाम और संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। इसी दौरान डेंगू और…

3 Min Read
Latest Newsसेहत

घर में एक शख्स को डेंगू हुआ तो बाकी परिवार कैसे बचे? डॉक्टर ने बताए बचने के जरूरी उपाय

नई दिल्ली: बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर घर में किसी एक सदस्य…

4 Min Read
Latest Newsसेहत

रातभर सोने के बाद भी दिनभर थकान और आलस? शरीर में आयरन की कमी का हो सकता है संकेत, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली: अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है तो इसे केवल…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?