नई दिल्ली: सिरदर्द एक आम समस्या है और कई बार लोग इसे थकान, तनाव या नींद पूरी न होने से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है और इसके साथ चक्कर, कमजोरी या आंखों के सामने धुंधलापन जैसी परेशानी भी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ लोगों में लो ब्लड प्रेशर यानी हाइपोटेंशन भी ऐसे लक्षणों की वजह बन सकता है।
लो BP में क्यों हो सकता है सिरदर्द?
जब ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर से काफी कम हो जाता है, तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसका असर खास तौर पर तब महसूस हो सकता है, जब व्यक्ति अचानक खड़ा होता है या लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहता है।
ऐसी स्थिति में सिरदर्द के साथ चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, धुंधला दिखाई देना या असहज महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
हर सिरदर्द का मतलब लो BP नहीं
यह समझना जरूरी है कि हर बार होने वाला सिरदर्द लो ब्लड प्रेशर की वजह से नहीं होता। सिरदर्द के पीछे तनाव, डिहाइड्रेशन, नींद की कमी, माइग्रेन या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल सिरदर्द के आधार पर खुद से लो BP का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
इन संकेतों को करें गंभीरता से
अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है और इसके साथ चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी, धुंधला दिखाई देना या ब्लड प्रेशर लगातार कम रहने जैसी समस्या महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर अचानक और बहुत तेज सिरदर्द होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।ब्लड प्रेशर की जांच कराना और लक्षणों की सही वजह पता करना जरूरी है। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी दवा या उपचार को शुरू करने से बचें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।