लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम मुलाकात के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनाव को लेकर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सपा और AAP के संभावित गठबंधन को लेकर हो रही है। हालांकि, फिलहाल दोनों दलों की ओर से किसी चुनावी गठजोड़ का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
अखिलेश-संजय की मुलाकात ने बढ़ाया सियासी पारा
लखनऊ में हुई इस मुलाकात को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यूपी की राजनीतिक स्थिति, विपक्षी दलों की रणनीति और चुनावी संभावनाओं पर बातचीत हुई। इसी दौरान सपा और AAP के बीच संभावित तालमेल की संभावना पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
क्या सपा के साथ हाथ मिलाएगी AAP?
संजय सिंह और अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी एक साथ चुनावी मैदान में उतर सकती हैं?
हालांकि, अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में गठबंधन की चर्चा को फिलहाल संभावना और सियासी मंथन के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पहले भी साथ आते रहे हैं दोनों दल
सपा और AAP के नेताओं के बीच राजनीतिक स्तर पर संवाद पहले भी होता रहा है। संजय सिंह और अखिलेश यादव की मुलाकातें पहले भी गठबंधन की अटकलों को हवा देती रही हैं।
जून 2026 में अखिलेश यादव ने भी INDIA गठबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया था और कहा था कि यूपी में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकजुटता जरूरी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मुलाकात सिर्फ राजनीतिक चर्चा तक सीमित रहेगी या सपा-AAP के बीच चुनावी समझौते की नींव रखेगी?
आने वाले दिनों में सीटों के बंटवारे, चुनावी रणनीति और गठबंधन को लेकर दोनों दलों का रुख साफ होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।