दिल्ली के द्वारका इलाके में रक्षा मंत्रालय में कार्यरत 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला करीब तीन महीने की गर्भवती थी। मृतका के मायके वालों ने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिवार ने यह आशंका भी जताई है कि महिला की हत्या कर घटना को आत्महत्या का रूप दिया गया।
अप्रैल में हुई थी शादी, तीन महीने की थी गर्भवती
मृतका की पहचान नाजिया खानम (30) के तौर पर हुई है। वह रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थी। एफआईआर के मुताबिक, नाजिया की शादी 11 अप्रैल 2026 को अजम अली खान से हुई थी।
मृतका के पिता तवाब खान की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद से ही नाजिया को पति, सास, ससुर और ससुराल के अन्य सदस्यों की ओर से कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था।
परिवार का आरोप है कि नाजिया के साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। उसे घर से निकालने और जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया है।
फोन पर मायके वालों को बताती थी परेशानी
नाजिया के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी करीब तीन महीने की गर्भवती थी और वह फोन के जरिए लगातार मायके वालों को ससुराल में हो रही कथित प्रताड़ना के बारे में जानकारी देती थी।
परिवार का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नाजिया के पति के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। इसी बीच 21 अगस्त की सुबह परिवार को उसकी मौत की खबर मिली।
सुबह 4 बजे मिली बेटी की मौत की सूचना
एफआईआर के अनुसार, 21 अगस्त को सुबह करीब 4 बजे नाजिया के मायके वालों को फोन कर उसकी मौत की जानकारी दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग द्वारका स्थित उसके घर पहुंचे।
मायके वालों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई। परिवार का आरोप है कि नाजिया की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया गया हो सकता है। हालांकि, इस आरोप की अभी पुलिस जांच कर रही है।
पति ने पुलिस को क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर पहुंचे सब-इंस्पेक्टर सतपाल डागर को नाजिया के पति ने बताया कि दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद नाजिया ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया।
पति के अनुसार, बाद में उसने नाजिया को कमरे की खिड़की से लटका हुआ पाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ जरूरी साक्ष्य जुटाए और तस्वीरें भी लीं। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया।
पिता और भाई ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान
पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में समय लगने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद नाजिया के पिता और भाई ने बिजवासन के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
मृतका के पिता ने अपने बयान में दामाद बाबर अजम खान को बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
BNS की धाराओं में FIR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 108 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब महिला की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिवार और ससुराल पक्ष के बयानों के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी अहम माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
नाजिया के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने पोस्टमार्टम और घटनास्थल से जुड़ी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और महिला की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।