नई दिल्ली: घर से किसी जरूरी या शुभ काम के लिए निकलते समय पीछे से आवाज देने या टोकने को कई परिवारों में अच्छा नहीं माना जाता। बड़े-बुजुर्ग अक्सर ऐसी स्थिति में कुछ देर रुकने की सलाह देते हैं। सनातन परंपरा और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
शुभ काम में बाधा पड़ने की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब कोई व्यक्ति किसी जरूरी या शुभ काम के लिए घर से निकलता है तो उसका ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित होता है। ऐसे में पीछे से अचानक आवाज आने पर उसका ध्यान भटक सकता है। मान्यता है कि इससे काम में रुकावट या परेशानी आने की आशंका रहती है।
राहु से भी जोड़ी जाती है यह मान्यता
ज्योतिष में राहु को भ्रम, अचानक आने वाली बाधाओं और नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता के अनुसार, घर से निकलते समय पीछे से टोकने पर व्यक्ति के मन में बेचैनी या असमंजस पैदा हो सकता है। इसी वजह से इसे शुभ काम के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
मां लक्ष्मी की नाराजगी से भी जोड़ा जाता है
सनातन धर्म की कुछ मान्यताओं में घर की दहलीज पार करते समय किसी व्यक्ति को पीछे से बुलाने को मां लक्ष्मी की नाराजगी से भी जोड़ा गया है। ऐसी मान्यता है कि इसका असर धन, व्यापार और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। हालांकि, यह केवल धार्मिक मान्यता है और इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
इसके पीछे व्यावहारिक वजह भी बताई जाती है
इस परंपरा को सिर्फ धार्मिक नजरिए से ही नहीं देखा जाता। इसके पीछे एक व्यावहारिक कारण भी बताया जाता है। घर से निकलने के बाद व्यक्ति को रास्ते, समय और अपने काम पर ध्यान देना होता है। अचानक पीछे से आवाज आने पर वह रुक सकता है या मुड़कर देखने लग सकता है। इससे उसका ध्यान भटकने के साथ जरूरी सामान भूलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
पीछे से कोई टोक दे तो क्या करें?
अगर घर से निकलते समय कोई पीछे से आवाज दे दे तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ देर रुककर शांत मन से दोबारा निकल सकते हैं। पानी पीकर, अपने इष्टदेव का स्मरण करके और कुछ गहरी सांस लेकर मन को स्थिर किया जा सकता है। इसके बाद सकारात्मक सोच के साथ अपने काम के लिए निकलने की सलाह दी जाती है।