नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 अगस्त 2026 को बड़ा फैसला लेते हुए जून 2026 में आयोजित UGC-NET परीक्षा के तीन प्रमुख विषयों-इंग्लिश (English), कॉमर्स (Commerce) और सोशियोलॉजी (Sociology)-के पेपर्स को रद्द कर दिया है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा (Re-Exam) 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। राहत की बात यह है कि उम्मीदवारों को इस री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क (Re-examination Fee) नहीं देना होगा।
क्यों रद्द की गई परीक्षा? एनटीए कमेटी ने मानीं गड़बड़ियां
जून 22 से 30 जून 2026 के बीच 87 विषयों में आयोजित UGC-NET परीक्षा के बाद उम्मीदवारों और विशेषज्ञों ने प्रश्न पत्रों को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। NTA द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने जांच के बाद निम्नलिखित गंभीर खामियां पाईं:
- टाइपोग्राफी व स्पेलिंग मिस्टेक्स: प्रसिद्ध विचारकों, विद्वानों के नाम और किताबों के शीर्षक गलत छपे थे।
- अनुवाद में भारी त्रुटियां: प्रश्नों की भाषा, व्याकरण और अनुवाद में गंभीर गलतियां थीं।
- प्रश्नों का दोहराव (Question Repetition): पुराने सालों के प्रश्न पत्रों से कई सवाल सीधे-सीधे दोहराए गए थे।
NTA ने स्वीकार किया कि इन बड़े दोषों को सिर्फ ‘गलत प्रश्न हटाने’ (Drop Questions) से ठीक नहीं किया जा सकता था, इसलिए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरी परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया गया।
री-एग्जाम की तारीखें और समय (September 2026 Schedule)
| विषय (Subject) | परीक्षा की तारीख | शिफ्ट और समय |
| इंग्लिश (English) | 9 सितंबर 2026 | शिफ्ट 1: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक |
| कॉमर्स (Commerce) | 9 सितंबर 2026 | शिफ्ट 2: दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक |
| सोशियोलॉजी (Sociology) | 10 सितंबर 2026 | शिफ्ट 1: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक |
विपक्ष हमलावर: ‘NTA की गलती की सजा छात्र भुगत रहे हैं’
परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है।
- राहुल गांधी का निशाना: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर NTA को ‘एक्सट्रैक्शन मशीन’ (Extraction Machine) करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि महीनों तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को एजेंसी की लापरवाही के कारण फिर से परीक्षा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
- जवाबदेही की मांग: विपक्ष ने NTA की शीर्ष लीडरशिप की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बाकी 84 विषयों के रिजल्ट पर नहीं पड़ेगा असर
NTA ने साफ किया है कि 87 में से शेष 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की (Answer Key) जारी कर दी गई है। इन 3 विषयों के री-एग्जाम से अन्य विषयों के परिणाम, जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे अपने तय शेड्यूल के अनुसार जारी किए जाएंगे।