20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त 2026 को भारी हंगामे और राजनीतिक गतिरोध के बीच अनिश्चितकाल (Sine Die) के लिए स्थगित कर दिया गया है। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया गया, जिसके तुरंत बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की।
छात्र आंदोलन, नीट विवाद, पेपर लीक और अयोध्या मंदिर चढ़ावे से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला।
- अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: मॉनसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई।
- संसद परिसर में अनोखा प्रदर्शन: सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और विपक्षी सांसदों ने खिलौने वाला ‘काला बंदर’ लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
- आमने-सामने आए सांसद: संसद भवन के बाहर एनडीए (NDA) और विपक्षी दलों के सांसद आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी हुई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
- बीजेपी का तीखा हमला: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए आप (AAP) और कांग्रेस पर पेपर लीक मुद्दे पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
वंदे मातरम के तुरंत बाद स्थगित हुई कार्यवाही
गुरुवार सुबह 10:50 बजे के करीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा पहुंचे। हालिया दिनों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच सदन में पूरे वंदे मातरम का गायन हुआ। इसके समाप्त होते ही लोकसभा अध्यक्ष ने मॉनसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का औपचारिक ऐलान कर दिया।
“संसद में बवाल और कोर्ट में झूठ”: सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
“पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद केजरीवाल और विपक्षी नेताओं का सच सामने आ गया है। जो लोग झारखंड और पंजाब में छात्रों के मुद्दों पर खामोश थे, वे संसद में लगातार बवाल मचा रहे थे। कोर्ट के सवालों ने साबित कर दिया है कि तथाकथित छात्र हितैषियों की नैतिकता ने दम तोड़ दिया है।”